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Shivpuri News: कलेक्टर ने निकाला प्रतिबंधात्मक आदेश, तालाब व जलभराव वाले स्थानों पर जाना प्रतिबंधित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
Published by: शिवपुरी ब्यूरो
Updated Tue, 24 Jun 2025 10:10 PM IST
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सार
Shivpuri: जिले में दो दिन से हो रही बारिश के बाद ही जिले में कई स्थानों पर काफी स्थिति बिगड़ गई है। साथ ही नदी, नाले भी उफान पर आ गए हैं। ताजा हालात को देखते हुए कलेक्टर ने यह आदेश जारी किए हैं।
बारिश के बाद हालत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शिवपुरी जिले में दो दिन से लगातार बारिश का क्रम बना हुआ है। इसी बीच मानसून सीजन शुरू होते ही लोग पिकनिक बनाने के मूड में आ जाते हैं। लोग जलाशयों, बांधों पर पिकनिक के लिए पहुंचते हैं। जबकि बारिश में अक्सर नदी, तालाब, बांधों का जलस्तर बढ़ा हुआ होता है। ऐसे में जलस्तर अधिक बढ़ने या अचानक पानी का लेवल बढ़ने पर हादसों की आशंका रहती है। पहले कई घटनाएं भी हो चुकी हैं। इसी वजह से कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी ने जिले के 78 जलाशयों पर आमजन का जाना प्रतिबंधित कर दिया है। ये प्रतिबंधात्मक आदेश सोमवार को जारी कर दिए गए हैं।
दो दिन में हुई भारी बारिश
जिले में दो दिन से हो रही बारिश के बाद ही जिले में कई स्थानों पर काफी स्थिति बिगड़ गई है। साथ ही नदी, नाले भी उफान पर आ गए हैं। ताजा हालात को देखते हुए कलेक्टर ने यह आदेश जारी किए हैं। ये आदेश आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधानों के तहत जारी किए गए हैं।
पढ़ें: ग्वालियर चंबल अंचल में मूसलाधार बारिश के जीवन अस्त व्यस्त , उफान पर नदिया; कई गांव के संपर्क टूटे
इन जलाशयों पर जाना होगा प्रतिबंधित
प्रतिबंधित स्थलों में सिंध नदी, गुन्जाई नदी, महुअर सिंध नदी, बिलरई नदी, बेतवा नदी, पार्वती नदी, कूनो नदी, रेपी नदी, अकाझिरी बांध, पारौंच बांध, बुधना बांध, महुअर बांध, मड़ीखेड़ा बांध, मोहनी पिकअप, नावली बांध, बूढ़दा बांध, समोहा बांध, हरसी बांध, केदारेश्वर जलप्रपात (पोहरी), सुल्तानगढ़ जलप्रपात, पवा जलप्रपात (पोहरी), टुंडा भरखा, भूरा-खो जलप्रपात, टपकेश्वर जलप्रपात, मनीयर फतेहपुर तालाब, चांदपाठा तालाब, भगौरा तालाब, बांसखेड़ी तालाब, रामनगर तालाब, सेंवड़ा तालाब, इमलिया तालाब, मूंजवार तालाब, सतेरिया तालाब, बूढ़ी बरोद तालाब, माधवराव सरोवर, कूड़ा तालाब, बेहट तालाब, रायचंदखेड़ी तालाब, पिपलौदा तालाब, भैंसरावन तालाब, टोड़ा तालाब, वैराड़ तालाब, पिपरघार तालाब, डिगडौली तालाब, भटनावर तालाब, पाड़रखेड़ा तालाब, खोड़ क्रमांक 1, नागदा तालाब, सेमरी तालाब, फूटीवार तालाब, धंपोरा तालाब, झालोनी तालाब, मुहारी तालाब, हरथौन तालाब, आण्डेर, दिनारा, खिरिया पुनावली, नारही, राजगढ़, सेमरा, बेरखेड़ा, रमगढ़ा, गधाई, भेव, अलगी, डुमघुना, चिन्नौद, डबिया गोविंद, मोहनगढ़, पिसनहारी की टोरिया, कूड़ा पाडोन तालाब, पारागढ़ तालाब, छर्च तालाब, गुरिल्ला तालाब, सुनाज तालाब, पचीपुरा तालाब, रेशम माता रपटा (भडौता) शामिल है।
नियमों को तोड़ा तो होगी कार्रवाई
इसके तहत जिले की सीमाक्षेत्र अंतर्गत सभी नदी, नहर, बांध, तालाब, जलाशय, जल प्रपात व अन्य जल भराव वाले स्थान तथा संबंधित क्षेत्रों के आस-पास के स्थलों पर जाना प्रतिबंधित होगा। यह आदेश आपदा प्रबंधन अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 के अंतर्गत तथा अन्य सुसंगत अधिनियमों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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दो दिन में हुई भारी बारिश
जिले में दो दिन से हो रही बारिश के बाद ही जिले में कई स्थानों पर काफी स्थिति बिगड़ गई है। साथ ही नदी, नाले भी उफान पर आ गए हैं। ताजा हालात को देखते हुए कलेक्टर ने यह आदेश जारी किए हैं। ये आदेश आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधानों के तहत जारी किए गए हैं।
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इन जलाशयों पर जाना होगा प्रतिबंधित
प्रतिबंधित स्थलों में सिंध नदी, गुन्जाई नदी, महुअर सिंध नदी, बिलरई नदी, बेतवा नदी, पार्वती नदी, कूनो नदी, रेपी नदी, अकाझिरी बांध, पारौंच बांध, बुधना बांध, महुअर बांध, मड़ीखेड़ा बांध, मोहनी पिकअप, नावली बांध, बूढ़दा बांध, समोहा बांध, हरसी बांध, केदारेश्वर जलप्रपात (पोहरी), सुल्तानगढ़ जलप्रपात, पवा जलप्रपात (पोहरी), टुंडा भरखा, भूरा-खो जलप्रपात, टपकेश्वर जलप्रपात, मनीयर फतेहपुर तालाब, चांदपाठा तालाब, भगौरा तालाब, बांसखेड़ी तालाब, रामनगर तालाब, सेंवड़ा तालाब, इमलिया तालाब, मूंजवार तालाब, सतेरिया तालाब, बूढ़ी बरोद तालाब, माधवराव सरोवर, कूड़ा तालाब, बेहट तालाब, रायचंदखेड़ी तालाब, पिपलौदा तालाब, भैंसरावन तालाब, टोड़ा तालाब, वैराड़ तालाब, पिपरघार तालाब, डिगडौली तालाब, भटनावर तालाब, पाड़रखेड़ा तालाब, खोड़ क्रमांक 1, नागदा तालाब, सेमरी तालाब, फूटीवार तालाब, धंपोरा तालाब, झालोनी तालाब, मुहारी तालाब, हरथौन तालाब, आण्डेर, दिनारा, खिरिया पुनावली, नारही, राजगढ़, सेमरा, बेरखेड़ा, रमगढ़ा, गधाई, भेव, अलगी, डुमघुना, चिन्नौद, डबिया गोविंद, मोहनगढ़, पिसनहारी की टोरिया, कूड़ा पाडोन तालाब, पारागढ़ तालाब, छर्च तालाब, गुरिल्ला तालाब, सुनाज तालाब, पचीपुरा तालाब, रेशम माता रपटा (भडौता) शामिल है।
नियमों को तोड़ा तो होगी कार्रवाई
इसके तहत जिले की सीमाक्षेत्र अंतर्गत सभी नदी, नहर, बांध, तालाब, जलाशय, जल प्रपात व अन्य जल भराव वाले स्थान तथा संबंधित क्षेत्रों के आस-पास के स्थलों पर जाना प्रतिबंधित होगा। यह आदेश आपदा प्रबंधन अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 के अंतर्गत तथा अन्य सुसंगत अधिनियमों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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