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मेडिकल कॉलेज में मॉक ड्रिल: काल्पनिक आपात स्थिति बनाई गई, घायलों को स्ट्रेचर और व्हील चेयर पर लाया गया

न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी Published by: शिवपुरी ब्यूरो Updated Tue, 13 May 2025 08:12 PM IST
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सार

मॉक ड्रिल के तहत चिकित्सालय के नजदीक क्षेत्र में एक काल्पनिक बम विस्फोट की स्थिति बनाई गई। इसमें 15 घायलों को ट्रॉमा और इमरजेंसी विभाग में लाया गया।

shivpuri Mock drill medical college Simulated emergency created injured brought on stretchers and wheel chairs
शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में मॉक ड्रिल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

शिवपुरी के श्रीमंत राजमाता विजयाराजे सिंधिया चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, शिवपुरी में अधिष्ठाता डॉक्टर डी परमहंस के मार्गदर्शन में आकस्मिक परिस्थितियो को देखते हुए मंगलवार को प्रशिक्षण/मॉक ड्रिल का आयोजन चिकित्सालय के लेक्चर थियेटर में डॉ. नीति अग्रवाल सह प्राध्यापक सर्जरी विभाग, डॉ. शिल्पा अग्रवाल सह प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष निश्चेतना विभाग के द्वारा प्रदान किया गया।

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मॉक ड्रिल के तहत चिकित्सालय के नजदीक क्षेत्र में एक काल्पनिक बम विस्फोट की स्थिति बनाई गई, जिसमें 15 घायलों को ट्रॉमा एवं इमरजेंसी विभाग में लाया गया। इन मॉलेज मरीजों को सिर की गंभीर चोट, अंग विच्छेदन जैसी विभिन्न गंभीर अवस्थाओं में दर्शाया गया। मरीजों की स्थिति के अनुसार त्वरित ट्रायेज कर प्राथमिक उपचार शुरू किया गया। कुछ घायलों को तत्काल ऑपरेशन थिएटर में भेजा गया, जबकि अन्य को आईसीयू सहित संबंधित वार्डों में भर्ती किया गया।
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आपदा परिस्थितियों में व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया
अधिष्ठाता डॉक्टर डी परमहंस ने बताया कि प्रशिक्षण व मॉक ड्रिल कराने का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए मास कैजुअल्टी रूप में आती हैं। प्रशिक्षण/मॉक ड्रिल उपरांत प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए। वरिष्ठ चिकित्सक शिक्षकों, चिकित्सकों ने ड्रिल का मूल्यांकन कर आवश्यक सुझाव दिए। इस अभ्यास ने न केवल वास्तविक आपदा परिस्थितियों में व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया, बल्कि अस्पताल की तैयारियों की समीक्षा कर सुधार की संभावनाएं भी रेखांकित की।

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इमरजेंसी, सर्जरी, एनेस्थीसिया विभाग की भागीदारी रही

इस मॉक ड्रिल में ट्रॉमा एवं इमरजेंसी, सर्जरी, एनेस्थीसिया, सहित कई विभागों की सक्रिय भागीदारी रही। इस प्रशिक्षण/मॉक ड्रिल का नेतृत्व एम्स भोपाल से प्रशिक्षण लेकर आईं डॉ. नीति अग्रवाल सह प्राध्यापक सर्जरी विभाग, डॉ. शिल्पा अग्रवाल सह प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष निश्चेतना विभाग ने किया। अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों और सहायक स्टाफ ने भी अपनी जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया।

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