सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   The sword of arrest hangs over the son of Shivpuri Nagar Palika president see news in hindi

Shivpuri: दुष्कर्म के आरोपी नगर पालिका अध्यक्ष के पुत्र पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार, अग्रिम जमानत आवेदन निरस्त

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी Published by: शिवपुरी ब्यूरो Updated Wed, 14 May 2025 02:11 PM IST
विज्ञापन
सार

Shivpuri: आरोपी रजत शर्मा द्वारा 7 मई 2025 को अपने अधिवक्ता विजय तिवारी के माध्यम से न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई थी। इस पर 9 मई को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान पीड़िता स्वयं न्यायालय में उपस्थित हुई और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत आवेदन में आरोप लगाया कि आरोपी रजत शर्मा और उसके परिजनों से उसे और उसके स्वजनों को जान का खतरा है।

The sword of arrest hangs over the son of Shivpuri Nagar Palika president see news in hindi
दुष्कर्म का आरोपी रजत शर्मा - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विज्ञापन

विस्तार

शिवपुरी नगर पालिका अध्यक्ष और भाजपा नेता गायत्री शर्मा के पुत्र रजत शर्मा के ऊपर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। एक युवती द्वारा नगर पालिका अध्यक्ष के पुत्र रजत शर्मा के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया गया था। इस मामले के बाद नगर पालिका अध्यक्ष के पुत्र ने जिला कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन लगाया था लेकिन कोर्ट ने अग्रिम जमानत का आवेदन निरस्त कर दिया है।
Trending Videos


मामला दर्ज होने के बाद फरार है आरोपी रजत शर्मा
दुष्कर्म मामले में मंगलवार को नगर पालिका अध्यक्ष के पुत्र की अग्रिम जमानत याचिका जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने खारिज कर दी है। नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा के पुत्र रजत शर्मा पर एक युवती ने शादी का झांसा देकर सालों तक दैहिक शोषण किए जाने का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। उक्त शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपित रजत शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इसके बाद से आरोपित रजत शर्मा फरार है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस द्वारा गिरफ्तार न करने पर उठ रहे हैं सवाल
दैहिक शोषण के उक्त मामले में पुलिस ने 30 अप्रैल को FIR दर्ज कर ली थी। पुलिस सामान्य रूप से दुष्कर्म अथवा दैहिक शोषण के आरोपित को एफआईआर दर्ज करने के पहले या फिर तत्काल बाद गिरफ्तार कर लेती है, परंतु उक्त मामले में दैहिक शोषण का आरोपित घटना के 13 दिन बाद भी फरार चल रहा है। ऐसे में आरोपित की गिरफ्तारी को लेकर शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है।

पढ़ें: तहसीलदार भरत यादव 25 हजार की रिश्वत लेते कोटा में गिरफ्तार, अलवर स्थित घर पर भी छापा; जानें

न्यायालय में युवती ने किया अग्रिम जमानत का विरोध

आरोपी रजत शर्मा द्वारा 7 मई 2025 को अपने अधिवक्ता विजय तिवारी के माध्यम से न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई थी। इस पर 9 मई को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान पीड़िता स्वयं न्यायालय में उपस्थित हुई और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत आवेदन में आरोप लगाया कि आरोपी रजत शर्मा और उसके परिजनों से उसे और उसके स्वजनों को जान का खतरा है। वहीं, अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता धीरज जामदार ने न्यायालय में तर्क प्रस्तुत करते हुए कहा कि मामले की विवेचना अभी अपूर्ण है और आरोपी का चिकित्सीय परीक्षण (मेडिकल टेस्ट) भी अभी नहीं हुआ है। ऐसे में अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार करना न्यायोचित नहीं होगा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी रजत शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed