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MP: 'हम सब कर लेंगे आत्मदाह', सीधी में रेलवे निर्माण के विरोध में उग्र हुईं रंजना मिश्रा, आखिर जिम्मेदार कौन?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीधी
Published by: सीधी ब्यूरो
Updated Wed, 29 Apr 2026 02:35 PM IST
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सार
सीधी के रामपुर नैकिन में रेलवे निर्माण को लेकर ऐसा बवाल खड़ा हुआ कि मामला सुर्खियों में आ गया। बाल कल्याण समिति की सदस्य रंजना मिश्रा ने नाबालिग बालिकाओं के साथ धरना देकर न सिर्फ काम रुकवाने की चेतावनी दी, बल्कि आत्मदाह जैसे गंभीर बयान से माहौल और गरमा दिया।
रंजना मिश्रा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सीधी जिले के रामपुर नैकिन क्षेत्र में मंगलवार को रेलवे निर्माण कार्य को लेकर बड़ा विवाद सामने आया। बाल कल्याण समिति की सदस्य और अधिवक्ता रंजना मिश्रा ने नाबालिग बालिकाओं के साथ धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने रेलवे कार्य रोकने की चेतावनी दी और सड़क निर्माण नहीं होने पर आत्मदाह की बात भी कही। पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
क्या है पूरा मामला?
मामला उस स्थान का है जहां रेलवे लाइन निर्माण के चलते पुरानी सड़क को तोड़ा गया है और नई अप्रोच सड़क बनाई जा रही है, जो अभी अधूरी है। इसी को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।
विरोध के दौरान क्या कहा गया?
धरने के दौरान रंजना मिश्रा ने कहा कि अगर जल्द सड़क का निर्माण नहीं हुआ तो “मैं और हम सब आत्मदाह कर लेंगे, फिर हमारी लाशों के ऊपर से रेलवे का काम किया जाए।” इस बयान के बाद मौके पर तनाव का माहौल बन गया।
नाबालिग बालिकाओं की मौजूदगी क्यों बनी सवाल?
धरने में नाबालिग बालिकाओं की मौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बाल संरक्षण से जुड़े पद पर रहते हुए बच्चों को इस तरह के विरोध में शामिल करना नियमों के खिलाफ माना जा रहा है। इस मुद्दे पर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है।
तहसीलदार और रंजना मिश्रा के बीच क्या हुआ?
सूचना मिलने पर रामपुर नैकिन के तहसीलदार आशीष मिश्रा मौके पर पहुंचे। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। रंजना मिश्रा ने आरोप लगाया कि उन्हें सड़क निर्माण को लेकर गलत जानकारी दी गई थी, जबकि मौके की स्थिति अलग निकली।
ये भी पढ़ें: उज्जैन सम्राट विक्रम विश्वविद्यालय: किसने दीवारों पर लिखा तुम सब मरोगे! लाल कपड़े के पीछे का क्या है खेल ?
प्रशासन का क्या कहना है?
तहसीलदार आशीष मिश्रा ने साफ कहा कि रेलवे का कार्य नियमों के अनुसार जारी रहेगा और किसी भी तरह का अनैतिक दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह विरोध व्यक्तिगत हितों से प्रेरित लगता है और प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी जाएगी और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों की क्या राय है?
इस पूरे मामले में स्थानीय लोगों की राय बंटी हुई है। कुछ लोग सड़क की समस्या को सही मान रहे हैं, जबकि कई लोग इसे राजनीतिक और व्यक्तिगत हितों से जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। नाबालिगों की भागीदारी और आत्मदाह जैसे बयान के कारण यह विरोध और ज्यादा संवेदनशील और विवादित बन गया है।
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क्या है पूरा मामला?
मामला उस स्थान का है जहां रेलवे लाइन निर्माण के चलते पुरानी सड़क को तोड़ा गया है और नई अप्रोच सड़क बनाई जा रही है, जो अभी अधूरी है। इसी को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।
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विरोध के दौरान क्या कहा गया?
धरने के दौरान रंजना मिश्रा ने कहा कि अगर जल्द सड़क का निर्माण नहीं हुआ तो “मैं और हम सब आत्मदाह कर लेंगे, फिर हमारी लाशों के ऊपर से रेलवे का काम किया जाए।” इस बयान के बाद मौके पर तनाव का माहौल बन गया।
नाबालिग बालिकाओं की मौजूदगी क्यों बनी सवाल?
धरने में नाबालिग बालिकाओं की मौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बाल संरक्षण से जुड़े पद पर रहते हुए बच्चों को इस तरह के विरोध में शामिल करना नियमों के खिलाफ माना जा रहा है। इस मुद्दे पर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है।
तहसीलदार और रंजना मिश्रा के बीच क्या हुआ?
सूचना मिलने पर रामपुर नैकिन के तहसीलदार आशीष मिश्रा मौके पर पहुंचे। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। रंजना मिश्रा ने आरोप लगाया कि उन्हें सड़क निर्माण को लेकर गलत जानकारी दी गई थी, जबकि मौके की स्थिति अलग निकली।
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प्रशासन का क्या कहना है?
तहसीलदार आशीष मिश्रा ने साफ कहा कि रेलवे का कार्य नियमों के अनुसार जारी रहेगा और किसी भी तरह का अनैतिक दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह विरोध व्यक्तिगत हितों से प्रेरित लगता है और प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी जाएगी और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों की क्या राय है?
इस पूरे मामले में स्थानीय लोगों की राय बंटी हुई है। कुछ लोग सड़क की समस्या को सही मान रहे हैं, जबकि कई लोग इसे राजनीतिक और व्यक्तिगत हितों से जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। नाबालिगों की भागीदारी और आत्मदाह जैसे बयान के कारण यह विरोध और ज्यादा संवेदनशील और विवादित बन गया है।
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