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MP News: सिंगरौली में शुरू होगी भूमिगत कोयला खदान, पर्यावरणीय मंजूरी हेतु लोक जनसुनवाई में ग्रामीणों का समर्थन
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सिंगरौली
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sat, 05 Oct 2024 03:19 PM IST
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सार
कार्यक्रम में भूमिगत खदान से प्रभावित होने वाले सभी पांच गांव के लगभग दो हजार स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। जिन्होंने प्रोजेक्ट का खुलकर समर्थन किया।
कार्यक्रम में मौजूद लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एमपी के विंध्य क्षेत्र के सिंगरौली जिले के बरगवां तहसील अन्तर्गत प्रस्तावित गोंड़बहेरा उज्जैनी कोयला खदान के लिए शुक्रवार को तलवा गांव में पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु आयोजित जनसुनवाई सफलता पूर्वक सम्पन्न हुई। इस कार्यक्रम में भूमिगत खदान से प्रभावित होने वाले सभी पांच गांव के लगभग दो हजार स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे। जिन्होंने प्रोजेक्ट का खुलकर समर्थन किया।
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सिंगरौली जिला के अपर कलेक्टर अरविन्द कुमार झा एवं मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सिंगरौली के क्षेत्रीय अधिकारी संजीव मेहरा की उपस्थिति में जनसुनवाई की गई। इसके साथ ही कुछ ग्रामीणों ने इस प्रोजेक्ट के आसपास के गांवों के लोगों ने पर्यावरण पर होने वाली संभावित असरों के साथ-साथ स्थानीय लोगों के सामाजिक और आर्थिक विकास के बारे में अपने विचार रखे।
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गोंड़बहेरा उज्जैनी भूमिगत कोयला परियोजना
गोंड़बहेरा उज्जैनी भूमिगत कोयला परियोजना, भारत सरकार के कोयला मंत्रायलय द्वारा कमर्शियल माइनिंग के तहत 2023 में स्पर्धात्मक बोली के द्वारा अदाणी समूह की कंपनी एमपी नेचुरल रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड को मिला है। यह एक भूमिगत कोयला खदान है, जो जिले के पांच गांव उज्जैनी, तलवा, देवरा, मझौली और तीनगुड़ी के 1926.246 हेक्टेयर क्षेत्र में विस्तृत है। हालांकि, भूमिगत खदान होने के कारण गोंड़बहेरा उज्जैनी परियोजना के संचालन के लिए सिर्फ 40 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी।
ऊर्जा क्षेत्र की इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय निर्धारित मानकों के आधार पर वायु गुणवत्ता, जल गुणवत्ता, जल संसाधन, ध्वनि स्तर, भूमि पर्यावरण, मृदा की गुणवत्ता के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया गया और पाया कि सभी निर्धारित मानकों के सीमा के अनुरूप हैं एवं समुचित पर्यावरणीय प्रबंधन योजना का प्रावधान भी रखा गया है।
यह परियोजना 51 वर्षों तक चलेगी
यह परियोजना 51 वर्षों तक चलेगी, जिसमें आधुनिक तकनीक से भूमिगत उत्खनन द्वारा कोयला उत्पादन किया जाना प्रस्तावित है। कोयला उत्पादन की प्रति वर्ष क्षमता 41.2 लाख टन है। इस खनन परियोजना के संचालन के दौरान पर्याप्त मात्रा में रोजगार का सृजन होगा, जिसके फलस्वरूप यहां के लोगों के आय में वृद्धि से जीवन स्तर बेहतर होगा। इस परियोजना से मध्यप्रदेश सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। एमपी नेचुरल रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड ने स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था के लिए विस्तार से योजना बनाई है।

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