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Singrauli: ठंड से बचने कोयले की आग जलाकर सो रहे दो नाबालिग बच्चों की दम घुटने से मौत, ढाबे पर करते थे मजदूरी
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सिंगरौली
Published by: अरविंद कुमार
Updated Thu, 09 Jan 2025 07:56 PM IST
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सार
ठंड से बचने के लिए कोयले की आग जलाकर सो रहे दो नाबालिग बच्चों की दम घुटने से मौत हो गई। दोनों नाबालिग बच्चे ढाबे पर मजदूरी करते थे।
घटना स्थल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ठंड का कहर जारी है, ऐसे में इससे बचने के लिए बंद कमरे में आग जलाकर सोना जानलेवा हो सकता है। मध्यप्रदेश की उर्जाधानी सिंगरौली जिले से ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें दो नाबालिग बच्चों की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि ठंड से बचने के लिए एक ढाबे पर मजदूरी का काम कर रहे दो नाबालिग बच्चे ढाबे के रूम में खाना खाने के बाद सोने के लिए गए। ये लोग ठंड से राहत के लिए बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सो गए थे, जिसकी वजह से दम घुटने पर नाबालिग दोनों बच्चों की मौत हो गई।
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दोनों ढाबे के रूम में आग जलाकर सोए थे। सुबह वे अचेत अवस्था में मिले, सूचना मिलने ही मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों नाबालिगों को अस्पताल ले गई। जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। उनकी पहचान बबुन्दर बैगा (16) और मिथुन बैगा (18) के रूप में हुई।
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पुलिस के मुताबिक, यह मामला जिले के बरगवां थाना क्षेत्र के गोंदवाली गांव की है। जहां नेशनल हाइवे पर स्थित एक ढाबे पर काम करने वाले दो नाबालिग बच्चों की कोयले की आग की वजह से दम घुटने से मौत हो गई। दोनों नाबालिग बच्चे आदिवासी बैगा समुदाय से थे। दोनों की एक ढाबे पर मजदूरी का काम करते थे। वह ढाबे के रूम में ही सोते थे। बुधवार की रात खाने के बाद दोनों रूम में सोने के लिए चले गए, जहां ठंड से बचने के लिए कोयले की आग जलाया और सो गए।
गुरुवार यानी आज सुबह जब देर समय तक जब रूम के बाहर नहीं आए तो ढाबे के कर्मचारियों ने गेट खटखटाया। कोई जवाब न मिलने पर उसने आसपास के लोगों को बुलाया। लोगों ने मिलकर गेट खोला तो देखा कि दोनों बच्चे अचेत अवस्था में जमीन पर पड़े हुए हैं। इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस दोनों को तुरंत जिला अस्पताल में ले गई, डॉक्टरों दोनों को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर्स की माने तो कोयला जलने से कार्बन मोनोक्साइड निकला, जो शरीर में घुस गया। फिर दिमाग को होने वाली खून की सप्लाई को उसने ब्लॉक कर दिया, जिससे मौत हुई।
सिंगरौली पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री ने बताया कि कोयले जलने से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस की वजह से दम घुटनें से मौत हुई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी क़ार्बन मोनोआक्साइड की वजह से मौत की पुष्टि हुई है।

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