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Singrauli News: ये जर्जर भवन भूत बंगला नहीं, सरकारी छात्रावास है, जहां जान जोखिम में डालकर रहते हैं बच्चे

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिंगरौली Published by: सिंगरौली ब्यूरो Updated Thu, 28 Nov 2024 09:38 AM IST
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सार

आईटीआई पचौर का हॉस्टल जिले के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही को उजागर करता है। यह सरकारी छात्रावास लाखों रुपये के खर्च पर चलता है। कई कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति कागजों पर ही है।

This dilapidated building is not a ghost bungalow but a government hostel
छात्रावास का भवन खंडहर में हुआ तब्दील
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विस्तार

मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के पचौर आईटीआई कॉलेज के छात्रावास की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि यहां रहने वाले छात्र हमेशा डर और असुरक्षा के माहौल में जीते हैं। छात्रों का कहना है कि छात्रावास एक जीता जागता भूत बंगला बन गया है। छत की स्थिति इतनी खराब है कि वह कभी भी गिर सकती है। गेट और खिड़कियों में दीमक लगी हुई है। छात्रावास के अंदर और बाहर गंदगी का अंबार है। जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी इस भवन की देखभाल से मुंह मोड़ चुके हैं। इस जर्जर भवन को छात्रों के हवाले कर दिया गया है। छात्रावास में सुरक्षा का घोर अभाव है, जिससे रात के समय यहां नशेड़ी और जुआरी जमावड़ा लगाते हैं। इस वजह से छात्र डरे-सहमे रहते हैं।
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छात्रावास में न तो कर्मचारी और न ही सुरक्षा 
आईटीआई पचौर का हॉस्टल जिले के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही को उजागर करता है। यह सरकारी छात्रावास लाखों रुपये के खर्च पर चलता है। कई कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति कागजों पर है, लेकिन हकीकत में छात्रावास में न तो कर्मचारी हैं और न ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम। सफाई से लेकर देखभाल तक सब कुछ छात्रों के हवाले है।
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छात्रों ने डीएम से की शिकायत
छात्रों ने छात्रावास की दुर्दशा से परेशान होकर जिले के कलेक्टर से मुलाकात की और समस्याओं की शिकायत की। उन्होंने बताया कि छात्रावास में सफाई के लिए कोई कर्मचारी तैनात नहीं है। पेयजल संकट लंबे समय से बना हुआ है, जिससे छात्रों को खुद पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। बिजली की अनियमितता के कारण पढ़ाई में भी कठिनाई हो रही है।

प्रिंसिपल ने छात्रों को फटकारा
छात्रों का कहना है कि कलेक्टर से शिकायत करने पर आईटीआई कॉलेज के प्रिंसिपल एमएस चौहान ने नाराज होकर कहा, "जिसे यहां रहना है, वह हमारे तौर-तरीकों से रहे, नहीं तो यहां से चला जाए।" छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल ने उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई और धमकाने की कोशिश की।

किसी छात्र को नहीं धमकाया
प्रिंसिपल एमएस चौहान से इस मामले में बात की गई तो उन्होंने कहा कि मैंने किसी को धमकाया नहीं है। उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान आपसी सहयोग से ही हो सकता है, केवल शिकायत करने से हल नहीं निकलता।
 

छात्रावास का भवन खंडहर में हुआ तब्दील

छात्रावास का भवन खंडहर में तब्दील

 

 

 

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