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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   The spate of tiger deaths in MP continues unabated Tiger dies from electrocution in Seoni news in hindi

MP में नहीं थम रहा बाघों की मौत का सिलसिला: अब सिवनी में बिजली का झटका लगने से हुई मौत, वन विभाग पर उठे सवाल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिवनी Published by: Sabahat Husain Updated Mon, 27 Apr 2026 07:50 PM IST
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सार

मध्य प्रदेश के सिवनी में उप-वयस्क बाघ की करंट लगने से मौत हो गई। उसका शव कुएं में मिला है। जिसके कुएं में शव मिला है, उस किसान को गिरफ्तार कर लिया गया है। 

The spate of tiger deaths in MP continues unabated Tiger dies from electrocution in Seoni news in hindi
सांकेतिक - फोटो : Freepik
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विस्तार

मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में एक उप-वयस्क बाघ की करंट लगने से मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि बाघ के शव को सबूत मिटाने के इरादे से खेत के एक कुएं में फेंक दिया गया। इस घटना के बाद राज्य में जनवरी से अब तक बाघों की मौत का आंकड़ा बढ़कर 25 हो गया है। मामले में जिस किसान के खेत में कुआं स्थित है, उसे शव बरामद होने के एक दिन बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। वन विभाग के अधिकारी उससे और अन्य संदिग्धों से पूछताछ कर रहे हैं।

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अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एल. कृष्णमूर्ति के मुताबिक, करीब डेढ़ से दो साल उम्र का यह बाघ दक्षिण सिवनी वन मंडल के राजस्व क्षेत्र में करंट की चपेट में आया। शव का पोस्टमॉर्टम राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के दिशा-निर्देशों के तहत कराया गया। जांच के दौरान घटनास्थल से अहम सबूत भी मिले हैं। कुएं से करीब 50 मीटर दूर जली हुई तारें, खूंठे और अन्य बिजली उपकरण बरामद हुए हैं, जो करंट से मारने की पुष्टि करते हैं।

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उप मंडल वन अधिकारी योगेश कुमार पटेल ने बताया कि बाघ को करंट से मारने के बाद अज्ञात लोगों ने शव को कुएं में फेंक दिया था। 26 अप्रैल को खेत में काम कर रहे मजदूरों ने शव देखा, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। वन विभाग ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है।


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गौरतलब है कि इस साल 7 जनवरी को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पहली बाघ मौत दर्ज हुई थी। तब से अब तक 24 अन्य बाघ, जिनमें शावक भी शामिल हैं, अपनी जान गंवा चुके हैं।2022 की गणना के अनुसार 785 बाघों के साथ देश में सबसे अधिक बाघों वाला राज्य मध्य प्रदेश, अब तक 25 बाघों को खो चुका है। इनमें से 11 बाघों की मौत 2 अप्रैल के बाद हुई है, जिनमें तीन शावक भी शामिल हैं।

वहीं, कान्हा टाइगर रिजर्व के सरही जोन में पिछले छह दिनों में तीन शावकों की मौत ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने इसे संभावित शिकार (पॉचिंग) बताते हुए “बेहद चौंकाने वाला और चिंताजनक” करार दिया। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद वन विभाग गश्त बढ़ाने में गंभीरता नहीं दिखा रहा है, जिससे वन्यजीवों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।

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