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Twisha Case: CBI को मिली गिरिबाला-समर्थ की कॉल रिकॉर्डिंग, वॉइस सैंपल-आईफोन डेटा मिलने पर पेश होगा पूरक चालान
Wed, 19 Aug 2026 07:18 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 19 Aug 2026 07:18 PM IST
सार
त्विषा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में सीबीआई को समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह से जुड़ी कॉल रिकॉर्डिंग मिली है। दोनों के वॉइस सैंपल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। त्विषा समेत अन्य मोबाइल और सीसीटीवी डीवीआर का डेटा भी जांच में है। रिपोर्ट मिलने के बाद सीबीआई पूरक चालान पेश कर सकती है।
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त्विषा मामले में सीबीआई को मां-बेटे की कॉल रिकॉर्डिंग मिल गई है।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी भोपाल के हाईप्रोफाइल त्विषा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में सीबीआई की जांच ने नया मोड़ ले लिया है। त्विषा की मौत को एम्स की फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई ने आत्महत्या माना है और कोर्ट में 636 पेज का चालान पेश किया। हालांकि, जांच एजेंसी के हाथ लगी कुछ अहम फोन रिकॉर्डिंग अब इस मामले की आगे की जांच का आधार बन गई हैं। यह रिकॉर्डिंग त्विषा के पति समर्थ सिंह और उसकी मां, सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के बीच हुई बातचीत कही जा रही है। बातचीत में त्विषा से जुड़े मामलों और उसके साथ कथित प्रताड़ना को लेकर अहम तथ्य होने की संभावना है। रिकॉर्डिंग की आवाज की पुष्टि के लिए सीबीआई ने दोनों आरोपियों के वॉइस सैंपल लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे हैं।
सीबीआई को आरोपियों के मोबाइल फोन से मिली बातचीत की रिकॉर्डिंग की फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट का इंतजार है। एजेंसी ने दोनों आरोपियों के वॉइस सैंपल और मोबाइल में मिली रिकॉर्डिंग को मिलान के लिए प्रयोगशाला भेजा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि रिकॉर्डिंग में सुनाई दे रही आवाजें समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह की ही हैं या नहीं। इसके बाद सीबीआई दोनों आरोपियों के खिलाफ पूरक चालान पेश करने की तैयारी में है।
ये भी पढ़ें- ‘अभी मुझे शांति से मरने दो': त्विषा का मौत से पहले भाभी को आखिरी मैसेज, CBI चार्जशीट में खुलासे; क्या लिखा?
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आईफोन और मोबाइल डेटा से भी खुल सकते हैं राज
सीबीआई ने कोर्ट में पेश चालान में यह भी बताया है कि त्विषा के आईफोन और अन्य मोबाइल फोन से मिलने वाला डेटा जांच में अहम साबित हो सकता है। अभी इन उपकरणों का पूरा डेटा रिकवर होकर जांच एजेंसी को नहीं मिला है। डेटा सामने आने के बाद आरोपियों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका या नए गवाहों के संबंध में भी जानकारी मिलने की संभावना जताई गई है। सीबीआई ने त्विषा के मोबाइल के अलावा उसके भाई हर्षित शर्मा और पति समर्थ सिंह के मोबाइल फोन को भी डेटा रिकवरी के लिए फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजा है। आरोपियों के घर से बरामद सीसीटीवी का डीवीआर भी जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। यदि सीसीटीवी डेटा में किसी तरह की छेड़छाड़ सामने आती है तो इस पहलू पर भी अलग से जांच की जा सकती है।
12 मई को ससुराल में हुई थी त्विषा की मौत
त्विषा शर्मा की 12 मई की रात कटारा हिल्स स्थित ससुराल में मौत हो गई थी। शुरुआती जांच कटारा हिल्स थाना पुलिस ने की थी। 25 मई को मामला सीबीआई को सौंप दिया गया। इसके बाद 28 मई को करीब आठ घंटे की पूछताछ के बाद सीबीआई ने त्विषा की सास गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया था। गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह दो जून से न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद हैं।
समर्थ के कई दिन गायब रहने का चालान में उल्लेख नहीं
सीबीआई द्वारा कोर्ट में पेश किए गए चालान में घटना के बाद समर्थ सिंह के कई दिनों तक गायब रहने का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। एफआईआर दर्ज होने और जमानत आवेदन निरस्त होने के बाद समर्थ कहां रहा, इस अवधि को लेकर भी रिपोर्ट में विस्तृत जानकारी नहीं होने की बात कही जा रही है। पुलिस ने कई दिन फरार रहने के बाद समर्थ सिंह को 21 मई को जबलपुर हाईकोर्ट परिसर से गिरफ्तार किया था। अब सीबीआई की नजर वॉइस सैंपल की रिपोर्ट, मोबाइल और आईफोन से रिकवर होने वाले डेटा तथा सीसीटीवी डीवीआर की फॉरेंसिक जांच पर है। इन रिपोर्टों के आधार पर मामले में आगे की तस्वीर साफ होने और पूरक आरोपपत्र के जरिए नए तथ्यों को अदालत के सामने रखने की संभावना है।
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सीबीआई को आरोपियों के मोबाइल फोन से मिली बातचीत की रिकॉर्डिंग की फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट का इंतजार है। एजेंसी ने दोनों आरोपियों के वॉइस सैंपल और मोबाइल में मिली रिकॉर्डिंग को मिलान के लिए प्रयोगशाला भेजा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि रिकॉर्डिंग में सुनाई दे रही आवाजें समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह की ही हैं या नहीं। इसके बाद सीबीआई दोनों आरोपियों के खिलाफ पूरक चालान पेश करने की तैयारी में है।
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आईफोन और मोबाइल डेटा से भी खुल सकते हैं राज
सीबीआई ने कोर्ट में पेश चालान में यह भी बताया है कि त्विषा के आईफोन और अन्य मोबाइल फोन से मिलने वाला डेटा जांच में अहम साबित हो सकता है। अभी इन उपकरणों का पूरा डेटा रिकवर होकर जांच एजेंसी को नहीं मिला है। डेटा सामने आने के बाद आरोपियों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका या नए गवाहों के संबंध में भी जानकारी मिलने की संभावना जताई गई है। सीबीआई ने त्विषा के मोबाइल के अलावा उसके भाई हर्षित शर्मा और पति समर्थ सिंह के मोबाइल फोन को भी डेटा रिकवरी के लिए फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजा है। आरोपियों के घर से बरामद सीसीटीवी का डीवीआर भी जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। यदि सीसीटीवी डेटा में किसी तरह की छेड़छाड़ सामने आती है तो इस पहलू पर भी अलग से जांच की जा सकती है।
12 मई को ससुराल में हुई थी त्विषा की मौत
त्विषा शर्मा की 12 मई की रात कटारा हिल्स स्थित ससुराल में मौत हो गई थी। शुरुआती जांच कटारा हिल्स थाना पुलिस ने की थी। 25 मई को मामला सीबीआई को सौंप दिया गया। इसके बाद 28 मई को करीब आठ घंटे की पूछताछ के बाद सीबीआई ने त्विषा की सास गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया था। गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह दो जून से न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद हैं।
समर्थ के कई दिन गायब रहने का चालान में उल्लेख नहीं
सीबीआई द्वारा कोर्ट में पेश किए गए चालान में घटना के बाद समर्थ सिंह के कई दिनों तक गायब रहने का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। एफआईआर दर्ज होने और जमानत आवेदन निरस्त होने के बाद समर्थ कहां रहा, इस अवधि को लेकर भी रिपोर्ट में विस्तृत जानकारी नहीं होने की बात कही जा रही है। पुलिस ने कई दिन फरार रहने के बाद समर्थ सिंह को 21 मई को जबलपुर हाईकोर्ट परिसर से गिरफ्तार किया था। अब सीबीआई की नजर वॉइस सैंपल की रिपोर्ट, मोबाइल और आईफोन से रिकवर होने वाले डेटा तथा सीसीटीवी डीवीआर की फॉरेंसिक जांच पर है। इन रिपोर्टों के आधार पर मामले में आगे की तस्वीर साफ होने और पूरक आरोपपत्र के जरिए नए तथ्यों को अदालत के सामने रखने की संभावना है।
