सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   twisha-sharma-case-cbi-reaches-giribala-singh-house-after-bail-cancelled-bhopal

Twisha Case: हिरासत में ली गईं गिरिबाला सिंह? रात में रद्द हुई थी अग्रिम जमानत, सुबह से पूछताछ कर रही थी CBI

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Tarunendra Kumar Chaturvedi Updated Thu, 28 May 2026 02:09 PM IST
विज्ञापन
सार

त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत केस में पूर्व जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द होने के बाद सीबीआई टीम गुरुवार को उनके भोपाल स्थित घर पहुंची। उनको हिरासत में ले लिया है। वहीं, हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद एजेंसी ने पूछताछ और मामले की जांच तेज कर दी है। पढ़ें पूरी खबर

twisha-sharma-case-cbi-reaches-giribala-singh-house-after-bail-cancelled-bhopal
त्विषा शर्मा मामले में सास को हिरासत में ले लिया गया है। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

बहुचर्चित त्विषा शर्मा दहेज मौत मामले में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सेवानिवृत्त जिला जज गिरिबाला सिंह को भोपाल स्थित उनके घर से हिरासत में ले लिया। सीबीआई की टीम भारी पुलिस बल के साथ सुबह कटारा हिल्स स्थित उनके निवास पहुंची। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में बैरिकेडिंग कर आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई।



यह कार्रवाई मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा एक दिन पहले गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के बाद की गई। त्विषा शर्मा की 12 मई को भोपाल स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उनकी शादी 9 दिसंबर 2025 को समर्थ सिंह से हुई थी। गिरिबाला सिंह ने घटना के दो दिन बाद भोपाल जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। 10वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने 15 मई को उनकी उम्र और मृतका को किए गए पैसों के ट्रांसफर का हवाला देते हुए जमानत दे दी थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने बुधवार को 17 पन्नों के आदेश में इस जमानत को निरस्त कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- किस आधार पर हाई कोर्ट ने त्विषा की सास गिरिबाला की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज की? पांच कारण
विज्ञापन
Trending Videos


न्यायमूर्ति देवनारायण मिश्रा ने कहा कि निचली अदालत ने महत्वपूर्ण तथ्यों पर पर्याप्त विचार नहीं किया। अदालत ने माना कि व्हाट्सएप चैट और मृतका के परिजनों के बयानों से आरोप केवल पति समर्थ सिंह तक सीमित नहीं हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि दहेज प्रताड़ना और क्रूरता के आरोपों की गहन जांच आवश्यक है। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि त्विषा के शरीर पर फांसी के अलावा छह से सात अन्य चोटों के निशान मिले थे, जिनमें हाथ, उंगली और सिर की चोटें शामिल थीं। बाद की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि ये चोटें शव उतारने या अस्पताल ले जाने के दौरान नहीं लगी थीं। त्विषा के परिवार ने आरोप लगाया है कि गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह ने त्विषा को प्रताड़ित किया और गर्भपात के लिए दबाव बनाया। अदालत ने माना कि त्विषा का गर्भपात होना एक स्वीकार तथ्य है।

त्विषा के पिता के वकील ने अदालत में तर्क दिया कि गिरिबाला सिंह, जो साइबर फॉरेंसिक और क्राइम सीन मैनेजमेंट में प्रशिक्षित पूर्व न्यायिक अधिकारी हैं, उन्होंने अपने अनुभव का इस्तेमाल कर घटनास्थल से छेड़छाड़ की हो सकती है। मध्यप्रदेश के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्विषा के शरीर पर मिले सात एंटी-मॉर्टम चोटों और जांच में सहयोग नहीं करने जैसे पहलुओं को महत्वपूर्ण माना।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed