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Ujjain News: ढाई सेंटीमीटर के बादाम पर उकेरे 12 ज्योतिर्लिंग, गौरव ने बनाया अनोखा वर्ल्ड रिकॉर्ड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Tue, 14 Apr 2026 07:05 PM IST
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सार
उज्जैन के युवा कलाकार गौरव महावर ने माइक्रो आर्ट के जरिए 2.5 सेंटीमीटर के बादाम पर 12 ज्योतिर्लिंग उकेरकर अनोखा वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने यह कलाकृति तय समय से पहले केवल 39 मिनट में पूरी की।
गौरव महावर का नाम अंतरराष्ट्रीय बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ है
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
उज्जैन से एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जो साबित करती है कि सीमित संसाधन कभी असीमित प्रतिभा को नहीं रोक सकते। इस युवक ने कभी अपराधियों को पकड़वाने के लिए पुलिस की मदद हेतु स्केच बनाए थे, उसी गौरव महावर ने अब माइक्रो आर्ट के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने मात्र 2.5 सेंटीमीटर आकार के बादामों पर एक्रेलिक रंगों और माइक्रोस्कोप की मदद से 12 ज्योतिर्लिंगों की अत्यंत सूक्ष्म और सुंदर कलाकृतियां उकेरकर वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की प्रक्रिया जारी
इस उपलब्धि को इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और वर्ल्ड वाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने मान्यता दे दी है, जबकि गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की प्रक्रिया जारी है। गौरव महावर ने बताया कि इस रिकॉर्ड का शीर्षक द्वादश ज्योतिर्लिंग सनातन संहिता रखा गया है। निर्धारित समयसीमा डेढ़ घंटे की थी लेकिन गौरव ने यह पूरी कृति महज 39 मिनट में पूरी कर दी। उन्होंने प्रत्येक बादाम को करीब तीन मिनट दिए और 12 बादामों पर 36 मिनट खर्च किए, जबकि शेष तीन मिनट अन्य प्रक्रियाओं में लगे। इस रिकॉर्ड का खिताब नितेश भार्गव ने प्रदान किया।
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कई संदिग्धों के स्केच बना चुके हैं गौरव
गौरव बताते हैं कि इससे पहले वे कई आपराधिक मामलों में पुलिस की मदद के लिए संदिग्धों के स्केच बना चुके हैं जिससे आरोपियों को पकड़ा जा सका। इसके अलावा वे रश्मिका मंदाना, कैलाश खेर और तुषार कपूर जैसी हस्तियों के चित्र बनाकर उन्हें भेंट कर चुके हैं। गौरव की यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है, क्योंकि वे एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता ऑटो रिक्शा चालक हैं और गौरव खुद अभी पढ़ाई कर रहे हैं। सीमित साधनों के बावजूद उनकी लगन और कला के प्रति जुनून ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है।
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गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की प्रक्रिया जारी
इस उपलब्धि को इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और वर्ल्ड वाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने मान्यता दे दी है, जबकि गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की प्रक्रिया जारी है। गौरव महावर ने बताया कि इस रिकॉर्ड का शीर्षक द्वादश ज्योतिर्लिंग सनातन संहिता रखा गया है। निर्धारित समयसीमा डेढ़ घंटे की थी लेकिन गौरव ने यह पूरी कृति महज 39 मिनट में पूरी कर दी। उन्होंने प्रत्येक बादाम को करीब तीन मिनट दिए और 12 बादामों पर 36 मिनट खर्च किए, जबकि शेष तीन मिनट अन्य प्रक्रियाओं में लगे। इस रिकॉर्ड का खिताब नितेश भार्गव ने प्रदान किया।
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कई संदिग्धों के स्केच बना चुके हैं गौरव
गौरव बताते हैं कि इससे पहले वे कई आपराधिक मामलों में पुलिस की मदद के लिए संदिग्धों के स्केच बना चुके हैं जिससे आरोपियों को पकड़ा जा सका। इसके अलावा वे रश्मिका मंदाना, कैलाश खेर और तुषार कपूर जैसी हस्तियों के चित्र बनाकर उन्हें भेंट कर चुके हैं। गौरव की यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है, क्योंकि वे एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता ऑटो रिक्शा चालक हैं और गौरव खुद अभी पढ़ाई कर रहे हैं। सीमित साधनों के बावजूद उनकी लगन और कला के प्रति जुनून ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है।

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