Ujjain Tragedy Live: 18 घंटे से भागीरथ बोरवेल में फंसा; रिंग रेस्क्यू नाकाम,सुरंग की खुदाई जारी
उज्जैन के झालरिया गांव में तीन साल का मासूम बोरवेल में फंसा है। घटना गुरुवार शाम साढ़े सात बजे की है। बच्चे को फंसे हुए 18 घंटे से ज्यादा समय बीत चुका है। टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। फिलहाल उस तक पहुंचने के लिए सुरंग खोदी जा रही है।
लाइव अपडेट
भागीरथ के पिता पाली से पहुंचे उज्जैन के झालरिया गांव
प्रशासन की अपील - घटनास्थल पर भीड़ न लगाए
Ujjain Tragedy News: रिंग रेस्क्यू नाकाम, भागीरथ तक पहुंचने के लिए सुरंग खुदाई जारी
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भागीरथ को रिंग रेस्क्यू के जरिए बाहर निकालने का प्रयास कर रही थीं, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर अब बोरवेल के पास समानांतर सुरंग खोदने का काम फिर से शुरू कर दिया गया है।
गौरतलब है कि बीती रात से ही रेस्क्यू टीम रोप रिंग और समानांतर सुरंग दोनों तरीकों से बच्चे को बाहर निकालने की कोशिश कर रही थी। हालांकि, रोप रिंग के जरिए बार-बार असफलता मिलने के बाद अब सुरंग बनाकर बच्चे तक पहुंचने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। रेस्क्यू टीम लगातार प्रयास में जुटी हुई है और हर संभव तरीके से भागीरथ को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है।
Ujjain Tragedy Live Update: नए कपड़ों को पहनकर पूरे घर में चहक रहा था भागीरथ
उज्जैन में राजस्थान में होने वाले विवाह समारोह को लेकर भागीरथ के घर में उत्साह का माहौल था। मासूम भागीरथ सबसे ज्यादा खुश था, क्योंकि उसे शादी में पहनने के लिए नए कपड़े दिलाए गए थे। कल तक वह उन नए कपड़ों को पहनकर पूरे घर में चहक रहा था और उसकी हंसी से आंगन गूंज रहा था। भागीरथ की मौसी ने भारी मन से बताया कि घर के अधिकांश लोग राजस्थान पहुंच चुके थे और भागीरथ का परिवार भी निकलने ही वाला था। शाम को नए कपड़ों में खेलते हुए वह अचानक 200 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया। अब घर के एक कोने में वह नई पोशाक रखी है और दूसरी ओर उसकी मां की पथराई आंखें बस बोरवेल के मुहाने की ओर टिकी हैं।
Ujjain News: मासूम के बचाव के लिए प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा-डीएम
उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने कहा कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें बीती रात से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। उन्होंने बताया कि भागीरथ को बचाने के प्रयास लगातार जारी हैं। कैमरे के माध्यम से उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है और प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है कि उसे जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
Ujjain News: विधायक जितेंद्र पंड्या ने कहा- मुस्तैदी से बचाव कार्य जारी
घटनास्थल पर पहुंचे बड़नगर विधायक जितेंद्र पंड्या ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रशासन और सरकार पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि भागीरथ को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। विधायक पंड्या ने कहा कि सभी का यही प्रयास है कि मासूम भागीरथ को सकुशल बाहर निकाला जा सके।
Ujjain latest News: बच्चे के हाथों में रेस्क्यू रोप की रिंग पहनाकर बाहर निकालने की कोशिश
एसडीआरएफ के कमांडेंट संतोष जाट ने कहा कि हम कोशिश कर रहे हैं कि बच्चे के हाथों में रेस्क्यू रोप की रिंग पहनाकर उसे बाहर निकाल लिया जाए। उन्होंने बताया कि इस प्रयास में भोपाल से पहुंची एनडीआरएफ की टीम, हरदा, इंदौर और उज्जैन की एसडीआरएफ टीमों के साथ संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है। बोरवेल में कैमरा डालकर बच्चे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। उसे ऑक्सीजन सपोर्ट भी दिया जा रहा है। मौके पर दो एंबुलेंस भी तैनात हैं। रेस्क्यू के दौरान भागीरथ की शर्ट निकाली गई है।
Ujjain News: रेस्क्यू टीम ने हैमर मशीन बुलाई
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम भागीरथ तक पहुंचने के लिए पांच पोकलेन मशीनों की मदद से बोरवेल के पास समानांतर सुरंग बना रही है। करीब 40 फीट खुदाई होने के बाद आज सुबह चट्टानें आने लगीं, जिसके चलते काम अस्थायी रूप से रोक दिया गया। अब इन चट्टानों को तोड़ने के लिए रेस्क्यू टीम ने हैमर मशीन मंगवाई है। जानकारी के अनुसार, बोरवेल की गहराई लगभग 200 फीट है और इसमें पानी भी मौजूद है, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है।
Ujjain News: मासूम भागीरथ के इंतजार में बैठे लोग, कर रहे प्रार्थना
शुक्रवार सुबह से ही लोगों की मौके पर भीड़ जुटने लगी है। तीन साल के भागीरथ को निकालने के लिए लगातार ऑपरेशन चल रहा है। ऐसे में उसके इंतजार में स्थानीय लोग भी मौके पर डटे हुए हैं। सभी लोग भागीरथ को सही-सलामत बाहर निकालने की प्रार्थना कर रहे हैं।
बता दें, कि भागीरथ के पिता प्रवीण देवासी राजस्थान के पाली जिले के रहने वाले हैं। उनका परिवार पिछले तीन दिन से इलाके में भेड़ चराने के लिए रुका हुआ था। परिजनों के अनुसार, बच्चा दीवार के पास खेल रहा था। उसने पत्थर से बोरवेल का ढक्कन हटाया और बाल्टी समझकर पैर डाल दिया, जिससे वह सीधे अंदर गिर गया। मां ने उसे गिरते देखा और बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक वह गहराई में जा चुका था।
MP Ujjain Borewell Accident Live: तीन बार प्रयास विफल
उज्जैन जिले के एसडीआरएफ कमांडेंट संतोष कुमार जाट की तरफ से जानकारी दी गई है कि समानांतर गड्ढा खोदने में चट्टानें आ रही हैं। ऐसे में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रेस्क्यू टीम को बोरवेल के समानांतर सुरंग खोदने में दिक्कतें आ रही हैं। चट्टानें आने से ड्रिलिंग रुक जाती है। ऐसे में इंदौर की टीमें भी पहुंची हैं, जिससे बच्चे को निकालने की कोशिश की जा रही है। बताया जा रहा है कि बच्चे को कपड़े से निकालने की कोशिश भी हुई थी, लेकिन 2 से 3 बार ऊपर खींचते समय बच्चा छूट गया। ऐसे में भागीरथ को निकालने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।