Ujjain: नरक बनी ये कॉलोनी, दो माह से नाली का दूषित पानी पीने को मजबूर 265 परिवार, गहरी नींद में सोया निगम
उज्जैन के जयसिंहपुरा क्षेत्र में नगर निगम और पीएचई विभाग की लापरवाही से बीते दो माह से नलों में दूषित और बदबूदार पानी आ रहा है। करीब 265 परिवारों का स्वास्थ्य खतरे में है, लेकिन शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
विस्तार
उज्जैन धार्मिक नगरी उज्जैन के वार्ड क्रमांक 34 स्थित जयसिंहपुरा क्षेत्र के भगत सिंह मार्ग पर नगर निगम और पीएचई विभाग की लापरवाही के चलते हालात गंभीर बने हुए हैं। बीते दो माह से क्षेत्र के रहवासी नलों से आ रहे नाली जैसे काले और दूषित पानी को पीने को मजबूर हैं। इससे करीब 265 परिवारों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक मूकदर्शक बने हुए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक ओर वे बूंद-बूंद स्वच्छ पानी के लिए तरस रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जर्जर और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन के कारण हजारों लीटर पानी सड़कों पर बहकर बर्बाद हो रहा है। नल कई-कई घंटे खुले रहने से क्षेत्र में जलभराव और गंदगी फैल गई है। इस स्थिति को लेकर क्षेत्रवासियों में स्थानीय पार्षद विजय चौधरी और नगर निगम अधिकारियों के प्रति भारी आक्रोश है।
क्षेत्रवासियों की पीड़ा
स्थानीय निवासी रामचंद्र ने बताया कि क्षेत्र में चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। इसकी जानकारी कई बार क्षेत्रीय पार्षद को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नाली के पास से गुजर रही पाइपलाइन के कारण बदबूदार और मटमैला पानी पेयजल के रूप में मिल रहा है। यह समस्या केवल एक-दो परिवारों की नहीं, बल्कि पूरे मोहल्ले की है।
वहीं रेखाबाई ने कहा कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। मजबूरी में छोटे-छोटे बच्चों तक को दूषित पानी पिलाना पड़ रहा है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़ी घटना के होने का इंतजार कर रहे हैं।
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महापौर का पक्ष
इस संबंध में महापौर मुकेश टटवाल ने बताया कि जयसिंहपुरा क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण कार्य के चलते पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई है। ठेकेदार से इसे शीघ्र सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। यदि तय समय में कार्य नहीं हुआ तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्रवासियों को साफ पानी मिलने का इंतजार है और प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद की जा रही है।

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