जेन अल्फा की बातें सरकार ने मानी: नहीं बदलेगा सराफा कन्या स्कूल, दो नए सीएम राइज स्कूलों का भी किया गया एलान
उज्जैन में शासकीय सराफा कन्या विद्यालय की छात्राओं के विरोध का असर हुआ। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने स्कूल को स्थानांतरित नहीं करने का फैसला लिया। साथ ही उत्तम नगर और मुरलीपुरा में दो नए सीएम राइज स्कूल खोलने की घोषणा की गई।
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इसे कहते हैं युवा शक्ति और हक की आवाज का असर। उज्जैन में शासकीय सराफा कन्या विद्यालय की छात्राओं के ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन और अटूट एकजुटता के सामने आखिरकार जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को झुकना ही पड़ा। महाकाल मंदिर के पास स्थित सराफा बालिका विद्यालय को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए दो नए सीएम राइज स्कूल खोलने की बड़ी घोषणा भी की गई है।
क्या है मामला?
पूरा मामला चार दिन पहले तब गरमाया था, जब 14 अगस्त (शुक्रवार) को शासकीय कन्या सराफा विद्यालय की छात्राएं अपने स्कूल के बचाव में सड़कों पर उतर आई थीं। अपनी पढ़ाई और स्कूल से लगाव को बचाने के लिए छात्राओं ने एकजुट होकर कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं के रोने-बिलखने के भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिसके बाद देशभर से इन बेटियों को जबरदस्त समर्थन और सहानुभूति मिली।
सांसद, विधायक और कलेक्टर पहुंचे स्कूल
छात्राओं के आंदोलन और बढ़ते जनसमर्थन को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी के सांसद अनिल फिरोजिया, स्थानीय विधायक अनिल जैन, निगम अध्यक्ष, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और भाजपा जिलाध्यक्ष खुद स्कूल परिसर पहुंचे। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्राओं के बीच जाकर उनकी सभी मांगों को स्वीकार करने का एलान किया।
घोषणा के मुख्य बिंदु
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यथावत रहेगा स्कूल: शासकीय कन्या सराफा विद्यालय वर्तमान जगह पर ही संचालित होगा। भविष्य में यदि कोई नया निर्माण होता है, तो वह भी इसी आसपास किया जाएगा।
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दो नए सीएम राइज स्कूल: शहर के उत्तम नगर और मुरलीपुरा क्षेत्रों में दो नए सीएम राइज स्कूल खोले जाएंगे।
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यातायात और सुरक्षा की व्यवस्था: सावन माह में महाकाल मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए छात्राओं को स्कूल आने-जाने में परेशानी न हो, इसके लिए विशेष बस और पुलिस जवानों की तैनाती की जाएगी।
मुझे बेटियों का दर्द पता है- सांसद
छात्राओं को आश्वस्त करते हुए सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा, "मेरी भी दो बेटियां हैं और मुझे बेटियों का दर्द अच्छे से पता है। मैं शुरू से ही इन बच्चियों के साथ था। यह स्कूल कहीं स्थानांतरित नहीं होगा और बेटियों की सभी मांगें मान ली गई हैं। वहीं विधायक अनिल जैन कालुहेड़ा ने भी आश्वस्त किया कि बेटियों की पढ़ाई और सुरक्षा में किसी तरह की बाधा नहीं आने दी जाएगी।
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छात्राओं के चेहरे पर लौटी मुस्कान
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के इस फैसले के बाद छात्राओं के चेहरे पर खुशी और जीत का उत्साह साफ दिखाई दे रहा था। छात्राओं ने अपनी मांगें पूरी होने पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन ने उनकी भावना और शिक्षा के प्रति समर्पण को समझा, इसके लिए वे धन्यवाद देती हैं।
