Satna: डंपिंग यार्ड के विरोध में उतरे युवा, शिफ्ट करने की मांग हुई तेज; बीमारी और दुर्घटनाओं का बताया खतरा
सतना के कृपालपुर-रामस्थान रोड पर नगर निगम द्वारा कचरा डंप किए जाने के विरोध में स्थानीय नागरिकों ने कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस को ज्ञापन सौंपा। लोगों ने डंपिंग यार्ड हटाकर अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की।
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ज्ञापन में नागरिकों ने आरोप लगाया कि नगर निगम का कचरा कृपालपुर-रामस्थान रोड पर डंप किया जा रहा है। इस मार्ग से प्रतिदिन करीब 50 गांवों के लोग आवागमन करते हैं। कचरे से दुर्गंध और मच्छरों की समस्या बढ़ गई है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्र में बीमारी और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ने का भी दावा किया।
डंपिंग यार्ड से 50 गांव प्रभावित
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि खुले में कचरा फेंके जाने से स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने कलेक्टर से डंपिंग यार्ड को तत्काल हटाकर किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर शिफ्ट करने की मांग की। अवनीश शुक्ला ने कहा कि सरकार स्वच्छता पर जोर दे रही है, जबकि नगर निगम की ओर से खुले में कचरा डंप किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इससे करीब 50 गांवों के किसानों, छात्रों और मरीजों को परेशानी हो रही है।
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युवा समाजसेवी लव कुश तिवारी ने कहा कि शहर में बदखर और सोनौरा के पास सरकारी जमीनें खाली पड़ी हैं। इन जमीनों का उपयोग कृषि कार्य के लिए नहीं किया जा रहा है। इन स्थानों पर डंपिंग यार्ड शिफ्ट करने के लिए पूर्व में कई बार सुझाव दिया जा चुका है, लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं किया गया।
वहीं, अमर तिवारी और धनंजय द्विवेदी ने कहा कि डंपिंग यार्ड का निर्माण गैर-कृषि भूमि पर किया जाना चाहिए, ताकि ग्रामीण आबादी और कृषि कार्य प्रभावित न हों। शिवम गौतम ने बताया कि सतना कलेक्टर ने इस मामले पर संज्ञान लिया है और समाधान का आश्वासन ग्रामीणों को दिया है।
