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MP Weather: पूर्वी एमपी में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 21 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, 43 जिलों में कम वर्षा
Sat, 15 Aug 2026 07:30 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sat, 15 Aug 2026 07:30 AM IST
सार
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में अगले चार दिन बारिश का जोर रहने की संभावना है। शनिवार को 21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि नर्मदापुरम, छतरपुर और उमरिया में अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इन इलाकों में अगले 24 घंटे में 4 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है।
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मौसम
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूर्वी हिस्से में जोर पकड़ रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने मजबूत सिस्टम के असर से जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के 21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक पानी गिर सकता है। नर्मदापुरम, छतरपुर और उमरिया में अति भारी बारिश की चेतावनी है। वहीं जबलपुर, सागर, रायसेन, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, कटनी, पन्ना, टीकमगढ़, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश के आसार हैं।
चार दिन पूर्वी हिस्से में ज्यादा असर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र अब अवदाब में बदल गया है। इसका प्रभाव मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में ज्यादा दिखाई देगा। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में अगले चार दिन बारिश का जोर बना रह सकता है। भोपाल समेत प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, देवास, रतलाम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुर, सतना, मैहर, दमोह और निवाड़ी सहित कई जिलों में भी बारिश हो सकती है।
43 जिलों में अभी बारिश सामान्य से कम
प्रदेश में लगातार बारिश के बावजूद कई जिलों में मानसूनी कमी बनी हुई है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश सामान्य से करीब 19 प्रतिशत तक कम है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया समेत कई जिलों में 2 से 54 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज हुई है। पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में भी बारिश की कमी बनी हुई है। हालांकि भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, बड़वानी, खंडवा और खरगोन में अब तक औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
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यह भी पढ़ें-भोपाल की आजादी की अनकही कहानी, 15 अगस्त के बाद भी 2 साल चला तिरंगे और विलय का संघर्ष
जुलाई का कोटा पूरा, जून की कमी बरकरार
मौसम विभाग के अनुसार जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में शुरुआती दौर की अच्छी बारिश के बाद मानसून में दो बार ब्रेक आया। इसके बाद जुलाई के आखिरी सप्ताह में मजबूत सिस्टम सक्रिय हुआ और बारिश ने फिर रफ्तार पकड़ी। जुलाई का बारिश कोटा पूरा होने के बावजूद जून की कमी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। अगस्त में भी बारिश के कई दौर आने के बावजूद प्रदेश में अब तक करीब 13 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान सामान्य बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 38 से 39 इंच रहता है।
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चार दिन पूर्वी हिस्से में ज्यादा असर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र अब अवदाब में बदल गया है। इसका प्रभाव मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में ज्यादा दिखाई देगा। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में अगले चार दिन बारिश का जोर बना रह सकता है। भोपाल समेत प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, देवास, रतलाम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुर, सतना, मैहर, दमोह और निवाड़ी सहित कई जिलों में भी बारिश हो सकती है।
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43 जिलों में अभी बारिश सामान्य से कम
प्रदेश में लगातार बारिश के बावजूद कई जिलों में मानसूनी कमी बनी हुई है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश सामान्य से करीब 19 प्रतिशत तक कम है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया समेत कई जिलों में 2 से 54 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज हुई है। पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में भी बारिश की कमी बनी हुई है। हालांकि भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, बड़वानी, खंडवा और खरगोन में अब तक औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
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जुलाई का कोटा पूरा, जून की कमी बरकरार
मौसम विभाग के अनुसार जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में शुरुआती दौर की अच्छी बारिश के बाद मानसून में दो बार ब्रेक आया। इसके बाद जुलाई के आखिरी सप्ताह में मजबूत सिस्टम सक्रिय हुआ और बारिश ने फिर रफ्तार पकड़ी। जुलाई का बारिश कोटा पूरा होने के बावजूद जून की कमी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। अगस्त में भी बारिश के कई दौर आने के बावजूद प्रदेश में अब तक करीब 13 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान सामान्य बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 38 से 39 इंच रहता है।
