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उज्जैन का ‘त्रिनेत्र’ बना देशभर में मिसाल: श्री महाकाल मंदिर के एआई सिस्टम को मिलेगा ये पुरस्कार, बढ़ा गौरव

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Fri, 05 Jun 2026 05:08 PM IST
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सार

उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर और रुद्रसागर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए विकसित एआई आधारित त्रिनेत्र वीडियो सर्विलांस सिस्टम को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 के लिए चुना गया है। 500 से अधिक एआई-सक्षम कैमरों से लैस यह प्रणाली श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन में अहम भूमिका निभा रही है। 

Trinetra Works Wonders For Devotee Safety: Mahakal Temple's AI System To Receive National E-Governance Award,
उज्जैन का ‘त्रिनेत्र’ बना देशभर में मिसाल।
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विस्तार

उज्जैन ने देशभर में एक और कीर्तिमान स्थापित किया है। श्री महाकालेश्वर मंदिर और रुद्रसागर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए विकसित त्रिनेत्र आधारित वीडियो निगरानी प्रणाली को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 के लिए चुना गया है।


कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि त्रिनेत्र एक अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी प्रणाली है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत मंदिर परिसर में 500 से अधिक एआई-सक्षम कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे 24 घंटे निगरानी करते हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की टीम ने उज्जैन पहुंचकर इस प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया था। इसके बाद दिल्ली में 13 सदस्यीय ज्यूरी के समक्ष स्वयं कलेक्टर ने प्रेजेंटेशन दिया। तकनीक और इसके प्रभाव को देखकर ज्यूरी प्रभावित हुई और प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया। यह पुरस्कार 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में प्रदान किया जाएगा।

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जानिए क्यों खास है यह उपलब्धि
इस पुरस्कार से महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को राष्ट्रीय पहचान मिली है। साथ ही उज्जैन अब केवल धार्मिक नगरी ही नहीं, बल्कि “स्मार्ट और सुरक्षित धार्मिक नगरी” के रूप में भी देशभर में अपनी अलग पहचान बना रहा है। मंदिर में प्रतिदिन आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा अब AI के ‘तीसरे नेत्र’ की निगरानी में है।

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सिंहस्थ से पहले बड़ी उपलब्धि
वर्ष 2028 में सिंहस्थ महापर्व आयोजित होना है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ऐसे में यह ‘त्रिनेत्र’ प्रणाली भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और वीआईपी मूवमेंट के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कलेक्टर रोशन कुमार सिंह का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था में एआई तकनीक को जोड़कर मंदिर को 21वीं सदी के सबसे सुरक्षित तीर्थस्थलों में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

उज्जैन की नई पहचान
इस पुरस्कार ने उज्जैन को केवल ‘महाकाल की नगरी’ ही नहीं, बल्कि देश की अग्रणी स्मार्ट धार्मिक नगरी के रूप में भी स्थापित किया है। यहां अब श्रद्धा और तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में जब उज्जैन का नाम गूंजेगा, तब यह उपलब्धि न केवल प्रशासन बल्कि महाकाल भक्तों के लिए भी गर्व का विषय होगी।

 

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