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Vidisha News: पूर्व विधायक भार्गव की बढ़ी मुश्किलें, कोर्ट ने जमानत याचिका पर सुनवाई से किया मना; अब आगे क्या?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विदिशा Published by: विदिशा ब्यूरो Updated Fri, 29 May 2026 01:17 PM IST
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सार

विदिशा के पूर्व विधायक शशांक भार्गव को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में बड़ा झटका लगा है। ग्वालियर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए मामला जबलपुर स्थित विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट को ट्रांसफर कर दिया है।

Former MLA Shashank Bhargava's troubles mount as the High Court refuses to hear his bail plea
पूर्व विधायक शशांक भार्गव।
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विस्तार

आत्महत्या के लिए उकसाने के गंभीर मामले में घिरे विदिशा के पूर्व विधायक शशांक भार्गव की कानूनी राह आसान नहीं दिख रही। ग्वालियर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई से साफ इनकार कर दिया है। कोर्ट ने साफ किया कि जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों की सुनवाई विशेष एमएलए कोर्ट में होती है, लिहाजा यह पूरा प्रकरण जबलपुर स्थित विशेष अदालत को भेज दिया गया है।


विधि विशेषज्ञों का कहना है कि शशांक भार्गव अब मौजूदा विधायक नहीं हैं, लेकिन मामला पूर्व जनप्रतिनिधि से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक एमपी-एमएलए के खिलाफ आपराधिक मामले विशेष अदालत में ही सुने जाते हैं। दूसरा बड़ा कारण यह कि विदिशा जिला भोपाल संभाग में आता है और भोपाल संभाग जबलपुर हाईकोर्ट के क्षेत्राधिकार में है। इन्हीं तकनीकी आधारों पर ग्वालियर खंडपीठ ने केस ट्रांसफर कर दिया।
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पूर्व विधायक लगाया था गंभीर आरोप
27 अप्रैल को विदिशा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के ग्राम बेहलोट में एक व्यक्ति का शव रेलवे ट्रैक पर मिला था। मौत से कुछ घंटे पहले मृतक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में उसने रुपयों के लेनदेन को लेकर पूर्व विधायक शशांक भार्गव पर गंभीर आरोप लगाए थे। वीडियो वायरल होते ही हड़कंप मच गया और कुछ देर बाद ही युवक की लाश पटरी पर मिली। पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद शशांक भार्गव के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली। एफआईआर दर्ज होते ही पूर्व विधायक भूमिगत हो गए और तब से फरार चल रहे हैं।
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अब केस जबलपुर शिफ्ट हो गया
गिरफ्तारी से बचने के लिए भार्गव ने सबसे पहले छह मई को विदिशा जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी। जिला कोर्ट ने सबूतों और मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिका खारिज कर दी। इसके बाद 21 मई को उन्होंने ग्वालियर हाईकोर्ट खंडपीठ का दरवाजा खटखटाया। वहां से भी राहत नहीं मिली और अब केस जबलपुर शिफ्ट हो गया है।

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ग्वालियर हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब शशांक भार्गव को जबलपुर की विशेष एमएलए कोर्ट में ही जमानत के लिए अर्जी लगानी होगी। विशेष कोर्ट में जनप्रतिनिधियों के मामलों की रोजाना सुनवाई होती है। ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस केस में तेजी आ सकती है। पुलिस भी फरार पूर्व विधायक की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर केस दर्ज किया गया है। जांच अभी जारी है और पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही हैं। जबलपुर एमएलए कोर्ट में सुनवाई के बाद ही तय होगा कि शशांक भार्गव को राहत मिलती है या जेल जाना पड़ेगा। फिलहाल पूर्व विधायक की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
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