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Vidisha: हाथरस हादसे के बाद पं. प्रदीप मिश्रा ने तीन दिन पहले कथा खत्म की, फिर बयान से पलटकर कहा- जारी रहेगी
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, विदिशा
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 03 Jul 2024 10:55 PM IST
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सार
पंडित प्रदीप मिश्रा ने हाथरस हादसे को देखते हुए विदिशा की कथा को तीन पहले रद्द करने की घोषणा की थी, पर एक घंटे बाद ही उन्होंने निर्णय वापस लेते हुए सात दिन तक कथा करने की बात कही है। जानें इसके पीछे क्या वजह रही।
पं. प्रदीप मिश्रा ने पहले कथा रद्द करने की बात कही, फिर कहा कि कथा जारी रहेगी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के कुबरेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित प्रदीप कुमार मिश्रा की कथा का सात दिवसीय आयोजन विदिशा में किया जा रहा है। इसको लेकर बुधवार को उन्होंने अपने पंडाल से ही कथा को समय से पूर्व ही समाप्त करने को घोषणा कर डाली और एक घंटे के बाद ही वे पलट गए। एक घंटे पूर्व की गई कथा वापसी की बात को पलटते हुएआगामी दिनों में भी कथा जारी रखने की बात कही है।
आपको बता दें हाल ही में उत्तरप्रदेश के हाथरस में धार्मिक आयोजन में मची भगदड़ के बाद हुई एक सैकड़ा से अधिक लोगों की मौत को दृष्टिगत रखते हुए पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा कथा को समय से पूर्व ही समाप्त करने का निर्णय लिया गया था। क्योंकि विदिशा में जहां कथा के लिए पंडाल बनाया गया है वह एक खेत है और क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से चारो तरफ कीचड़ ही कीचड़ हो गया है। ऐसे में उन्हें ये अंदेशा था कि कही कोई अप्रिय घटना घटित न हो। इसके चलते उन्होंने यह निर्णय लिया और एक घंटे के पश्चात ही अपना फैसला भी बदला।
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आपको बता दें हाल ही में उत्तरप्रदेश के हाथरस में धार्मिक आयोजन में मची भगदड़ के बाद हुई एक सैकड़ा से अधिक लोगों की मौत को दृष्टिगत रखते हुए पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा कथा को समय से पूर्व ही समाप्त करने का निर्णय लिया गया था। क्योंकि विदिशा में जहां कथा के लिए पंडाल बनाया गया है वह एक खेत है और क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से चारो तरफ कीचड़ ही कीचड़ हो गया है। ऐसे में उन्हें ये अंदेशा था कि कही कोई अप्रिय घटना घटित न हो। इसके चलते उन्होंने यह निर्णय लिया और एक घंटे के पश्चात ही अपना फैसला भी बदला।
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लोग कीचड़ के बीच बैठकर कथा सुन रहे हैं ।
- फोटो : सोशल मीडिया
जानकारी के मुताबिक 30 जून से सागर-भोपाल बायपास स्थित गिरधर कॉलोनी में सात दिवसीय कथा प्रारंभ हुई थी, 6 जुलाई को समापन होना था। चौथे दिन बुधवार को पं. प्रदीप मिश्रा ने कथा सुनने के लिए आए लोगों से सवाल किया कि क्या आप लोग कथा सुनने के दौरान परेशान हो रहे हैं, इस पर भीड़ ने एक सुर में कहा 'नहीं', जिसके बाद उन्होंने अगला सवाल किया कि क्या कथा का समापन कर देना चाहिए, इस पर भी भीड़ से जवाब आया नहीं। भीड़ की इस प्रतिक्रिया को सुनकर पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि तो फिर फैसला हो गया। प्रशासनिक दिशा निर्देशों का पालन करते हुए ये कथा पूरे सात दिन यथावत जारी रहेगी। उधर पंडित मिश्रा ने मीडिया से कहा कि उत्तर प्रदेश के हाथरस की घटना दर्दनाक है। इतने भक्तों के प्राण चले गए। सहयोग की भावना होती तो कई भक्तों के प्राण बच सकते थे। समाचार के माध्यम से देखा है कि एक के ऊपर एक लोग गिरते चले गए।
लगातार बारिश से कथा स्थल पर कीचड़ ने व्यवस्था बिगाड़ दी है।
- फोटो : सोशल मीडिया
समिति के कहने पर कथा को आगे बढ़ा रहे
पंडित मिश्रा ने चौथे दिन की कथा समाप्ति के समय श्रोताओं से कहा- समिति का कहना है कि कथा 7 दिन की है तो 7 दिन पूरी करी जाए। विदिशा का पूरा प्रशासन और विदिशा के एक-एक बच्चा कथा में 7 दिन साथ देगा, इसलिए अब 7 दिन कथा होगी। समिति के कहने पर कथा को आगे बढ़ा रहे हैं, इसलिए दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक कथा का क्रम जारी रहेगा।
मंत्री प्रहलाद पटेल ने अव्यवस्थाओं को लेकर मांगी थी माफी
कथा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल भी पहुंचे थे। उन्होंने पं. प्रदीप मिश्रा का सम्मान किया। उन्होंने यहां की अव्यवस्थाओं को लेकर शासन-प्रशासन की ओर से माफी भी मांगी। मीडिया से बात करते हुए भी उन्होंने इस बात का जिक्र किया और अव्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदारी लेते हुए क्षमा मांगी थी।
पंडित मिश्रा ने चौथे दिन की कथा समाप्ति के समय श्रोताओं से कहा- समिति का कहना है कि कथा 7 दिन की है तो 7 दिन पूरी करी जाए। विदिशा का पूरा प्रशासन और विदिशा के एक-एक बच्चा कथा में 7 दिन साथ देगा, इसलिए अब 7 दिन कथा होगी। समिति के कहने पर कथा को आगे बढ़ा रहे हैं, इसलिए दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक कथा का क्रम जारी रहेगा।
मंत्री प्रहलाद पटेल ने अव्यवस्थाओं को लेकर मांगी थी माफी
कथा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल भी पहुंचे थे। उन्होंने पं. प्रदीप मिश्रा का सम्मान किया। उन्होंने यहां की अव्यवस्थाओं को लेकर शासन-प्रशासन की ओर से माफी भी मांगी। मीडिया से बात करते हुए भी उन्होंने इस बात का जिक्र किया और अव्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदारी लेते हुए क्षमा मांगी थी।

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