Maharashtra: बीएमसी चुनाव से पहले फडणवीस का मास्टर स्ट्रोक, झुग्गीवासियों को ढाई लाख में मिलेगा पक्का घर
उपमुख्यमंत्री फडणवीस आवास निर्माण विभाग के भी मंत्री है। इस विभाग की तरफ से गुरुवार को परिपत्र जारी किया गया है कि एक जनवरी 2000 से लेकर एक जनवरी 2011 के बीच की झुग्गी बस्तियों में रहने वाले झोपड़ीधारकों को ढाई लाख रुपये शुल्क पर पुनर्वसन कर पक्का घर दिया जाएगा...
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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई के झुग्गीवासियों को पक्का घर देने का बड़ा फैसला किया है। फडणवीस के इस निर्णय को एशिया के वैभवशाली नगर निकाय बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव से पहले का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री फडणवीस आवास निर्माण विभाग के भी मंत्री है। इस विभाग की तरफ से गुरुवार को परिपत्र जारी किया गया है कि एक जनवरी 2000 से लेकर एक जनवरी 2011 के बीच की झुग्गी बस्तियों में रहने वाले झोपड़ीधारकों को ढाई लाख रुपये शुल्क पर पुनर्वसन कर पक्का घर दिया जाएगा। इससे जहां झुग्गी बस्तियों की जगह इमारत बनेगी, वहीं झुग्गीवासियों को भी अपना पक्का घर नसीब हो सकेगा। इसका लाभ एसआरए योजना में अपात्र लाखों झुग्गीवासियों को मिलेगा, जिनके लिए मुंबई में अपना घर होना किसी सपने से कम नहीं है। नई योजना के लाभार्थियों के लिए आवश्यक नियम व शर्तें तैयार करने की जिम्मेदारी झोपड़पट्टी पुनर्वास प्राधिकरण (एसआरए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को सौंपी गई है। बीएमसी में उद्धव ठाकरे के नेतृत्वाली शिवसेना बीते 28 साल से सत्तासीन है। राज्य की एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस सरकार बीएमसी में अपना महापौर बनाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। इसलिए माना जा रहा है कि शिंदे-फडणवीस सरकार ने मिशन बीएमसी के तहत यह फैसला किया है।
मुंबई, ठाणे और पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ के अपात्र झोपड़ीधारकों को राहत
गृह निर्माण विभाग का यह फैसला मुंबई, ठाणे और पुणे के पिंपरी-चिंचवड क्षेत्र में लागू होगा। राज्य सरकार की एसआरए योजना में 01 जनवरी 2000 तक के झोपड़ों का मुफ्त पुनर्वास किया जाता है। केंद्र सरकार ने सभी के लिए आवास की योजना बनाई है। इसी योजना के अनुसार राज्य सरकार वर्ष 2000 के बाद अर्थात 01 जनवरी, 2000 से 01 जनवरी 2011 के बीच के झोपड़ों का सशुल्क पुनर्वास करेगी। गृह निर्माण विभाग ने फ्लैट के मूल्य मानदंड तय करते समय निर्माण, बुनियादी ढांचे और प्राधिकरण की स्थिर दरों को प्रशासकीय खर्च में शामिल किया है।