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माई सिटी टॉक्स: मजाकिया अंदाज की बातों से जीता परिवार का दिल, बन गए हमसफर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 13 Feb 2020 04:54 AM IST
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सारा-कार्तिक के संग नितिन और पद्मावती
- फोटो : अमर उजाला
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फिल्म 'लव आज कल' के सितारे कार्तिक और सारा मंगलवार को ताजनगरी में अमर उजाला के मेहमान बने थे। उन्होंने ताजखेमा में अमर उजाला ‘माई सिटी टॉक्स-लव आज कल’ प्रतियोगिता की चयनित जोड़ियों के सवालों के जवाब दिए। वहीं एक जोड़ी की कहानी सामने आई जो बहुत ही दिलचस्प है।
नितिन और पद्मावती की कहानी फिल्म की तरह ही है। पद्मावती ने बताया बात सन् 2003 की है। जब वे कक्षा10 में थीं। नितिन उनके जीजाजी के दोस्त थे। एक दिन नितिन बहन की शादी का कार्ड देने घर आए। घर पर उनकी मजाकिया अंदाज में की गई बातों ने पूरे परिवार का दिल जीत लिया।
इसके कुछ महीनों बाद लक्खी मेले में लौटते समय जब नितिन ने बाइक पर बैठाया तो दोनों एक मंदिर में पहुंचे। इसके बाद घरवालों की डांट खानी पड़ी। दस साल का उम्र का अंतर था तो पिता से शादी की हिम्मत नहीं जुटा पाए।
लेकिन जब नितिन ने दीदी से एक दिन बात कराई तो घरवाले राजी हो गए। दो-तीन सालों तक ऐसा ही चलता रहा। इसके बाद एक दिन परिवार ने बैठकर निर्णय लिया और शादी के लिए पिताजी की स्वीकृति भी मिल गई। शादी 2007 में हुई और इतने सालों बाद आज एक दूसरे साथ बहुत खुश है।
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नितिन और पद्मावती की कहानी फिल्म की तरह ही है। पद्मावती ने बताया बात सन् 2003 की है। जब वे कक्षा10 में थीं। नितिन उनके जीजाजी के दोस्त थे। एक दिन नितिन बहन की शादी का कार्ड देने घर आए। घर पर उनकी मजाकिया अंदाज में की गई बातों ने पूरे परिवार का दिल जीत लिया।
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इसके कुछ महीनों बाद लक्खी मेले में लौटते समय जब नितिन ने बाइक पर बैठाया तो दोनों एक मंदिर में पहुंचे। इसके बाद घरवालों की डांट खानी पड़ी। दस साल का उम्र का अंतर था तो पिता से शादी की हिम्मत नहीं जुटा पाए।
लेकिन जब नितिन ने दीदी से एक दिन बात कराई तो घरवाले राजी हो गए। दो-तीन सालों तक ऐसा ही चलता रहा। इसके बाद एक दिन परिवार ने बैठकर निर्णय लिया और शादी के लिए पिताजी की स्वीकृति भी मिल गई। शादी 2007 में हुई और इतने सालों बाद आज एक दूसरे साथ बहुत खुश है।