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'हम अभिनेता भांड हैं और हमें सिर्फ भांडगीरी ही करनी चाहिए'

Wed, 09 Dec 2015 09:41 PM IST
Updated Wed, 09 Dec 2015 09:41 PM IST
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Shahrukh Khan speaks up on intolerance again

कुछ वक्त से देशभर में 'असहिष्णुता' के मुद्दे को लेकर बहस का माहौल है। इसकी आंच में अभिनेता आमिर खान और शाहरुख खान भी आ चुके हैं। इस विवादित मुद्दे से बचने के लिए शाहरुख खान ने फैसला किया है कि वह अब किसी मुद्दे पर बोलेंगे ही नहीं।

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अपने जन्मदिन पर मीडिया को एक साक्षात्कार में उन्होंने देश में 'डर और असहिष्णुता का माहौल' होने की बात कही थी और फिर उनकी काफी आलोचना हुई थी। इससे परेशान शाहरुख ने कहा, "मैं अपना मुंह नहीं खोलूंगा क्योंकि मैं जानता हूं कि अगर मैंने मुंह खोला तो कॉन्ट्रोवर्सी हो जाएगी।"
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इस मुद्दे पर मिली प्रतिक्रियाओं से खासे निराश नजर आ रहे शाहरुख कहते हैं, "वैसे भी हम एक्टर भांड होते हैं और हमें सिर्फ भांडगीरी करनी चाहिए, उसके अलावा कुछ नहीं।"

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'हमने कुछ कहा है, तो वह पत्थर की लकीर नहीं है'

Shahrukh Khan speaks up on intolerance again

शाहरुख आजकल अपनी फिल्म 'दिलवाले' के प्रचार में जुटे हैं और इसी सिलसिले में उन्होंने असहिष्णुता और आमिर से जुड़े सवालों पर आमिर का बचाव किया।

वह बोले, "अगर मैं किसी मुद्दे पर बात कर रहा हूं तो इसका यह मतलब नहीं है कि मैं अपना निर्णय सुना रहा हूं बल्कि मैं अपनी राय जनता के सामने रख रहा हूं। हमने कुछ कहा है, तो वह पत्थर की लकीर नहीं है।"

शाहरुख कहते हैं कि अगर कोई सिर्फ अपनी बात रख रहा है पर आप उसे सुनने को भी तैयार नहीं और कहें कि यह आदमी ऐसा कैसे कह सकता है तो ये सोचना मूर्खता है।

''मैं अपने बच्चों को भी यही कहता हूं कि अगर मॉडर्न होना है तो धर्म, जात-पात, लड़का-लड़की में कौन ज्यादा है और कौन कम, यह कभी मत सोचना।''

'हम अभिनेता भांड हैं, हमें सिर्फ भांडगीरी ही करनी चाहिए'

Shahrukh Khan speaks up on intolerance again

उनका कहना था, "जिसका जो काम है, उसे वही करना चाहिए। हम अभिनेता भांड हैं और हमें सिर्फ भांडगीरी ही करनी चाहिए। हमें सिर्फ गाने-बजाने पर ही ध्यान देना चाहिए। हमको नहीं मालूम पॉलिटिक्स के बारे में। हमें नहीं पता इकॉनमी के बारे में। हमें नहीं पता खेती-बाड़ी के बारे में। हमको सिर्फ हमारी फिल्म के बारे में पता है। कटरीना का आखिरी गाना कौन सा अच्छा लगा था, यह मैं बता दूंगा क्योंकि मैं इस क्षेत्र में काम करता हूं।"

शाहरुख ने माना कि वह बहुत सोचने के बाद इस फैसले पर पहुंचे हैं कि कई ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर उन्हें बोलना ही नहीं चाहिए।

शाहरुख ने कहा, ''इसका मतलब यह नहीं कि मुझे बात करनी नहीं आती या मुझे उन बातों का इल्म नहीं। लेकिन मुझे लगता है कि मेरे बोलने से मेरी बातों को गलत तरीके से समझना या उसे पेश करना आसान हो जाता है।''

उन्होंने फिर कहा, "मैं सिर्फ फिल्मों के बारे में बता सकता हूं। बाकी सभी बातों पर बोलने की मेरी औकात नहीं है लेकिन मैं जानता हूं मैंने ऐसी कोई गलत बात नहीं की थी।"

एक वक्त के बाद असल जिंदगी में भी अभिनय करना पड़ता है

Shahrukh Khan speaks up on intolerance again

जब उनसे तीनों खानों के एक साथ एक फिल्म में काम करने के बारे में पूछा गया तो शाहरुख बोले, "यह जरूरी नहीं कि हम साथ आएंगे और फिल्म हिट होगी। हर फिल्म 'वक़्त' की तरह नहीं हो सकती। कुछ फिल्मों से 'त्रिमूर्ति' भी बन सकती है।"

साल 1965 में बनी 'वक्त' में राजकुमार, शशि कपूर, सुनील दत्त और बलराज साहनी जैसे अभिनेता एक साथ मौजूद थे और यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी यह फिल्म सुपरहिट हुई थी पर 1995 में 11 करोड़ के बजट में बनी फिल्म 'त्रिमूर्ति' में शाहरुख खान, जैकी श्रॉफ और अनिल कपूर जैसे स्टार होने के बावजूद फिल्म सिर्फ लागत वसूल पाई थी।

बड़े पर्दे पर रोमांस करते और हंसते-मुस्कराते शाहरुख असल जिंदगी में खुद को बोरिंग मानते हैं, "कई लोग जब मुझसे मिलते हैं तो हताश हो जाते हैं क्योंकि मैं जैसा फिल्मों में दिखता हूं, वैसा असल जिंदगी में नहीं हूं और मुझे ज्यादा बातचीत, लोगों के बीच उठना-बैठना पसंद नहीं है।"

उनका मानना है कि एक वक्त के बाद असल जिंदगी में भी अभिनय करना पड़ता है।

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