फिल्म के दीवाने 18 दिसंबर को 900 रु.तक खर्च करने को रहें तैयार
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तय हो चुका है कि शाहरुख-काजोल और रणवीर-दीपिका स्टारर फिल्में 18 दिसंबर को बॉक्स ऑफिस पर टकराएंगी। नतीजा जो भी हो, आपको महंगे टिकटों के लिए तैयार हो जाना चाहिए। अपने झगड़े के बीच इन फिल्मों के निर्माता जल्दी मोटी कमाई के चक्कर में दर्शकों की जेब पर हाथ मारने की योजना बना रहे हैं।.
सूत्रों की मानें तो इस बार दर्शकों को पहले बढ़ी टिकट कीमतों की तुलना में अधिक जेब ढीली करनी पड़ सकती है। कारण यह कि दोनों ही फिल्मों के निर्माताओं को मालूम है कि साथ में रिलीज होने पर नुकसान होने जा रहा है। अतः नुकसान की भरपाई दर्शकों को करनी पड़ेगी।
सूत्रों के अनुसार टिकटों की कीमत में अलग-अलग श्रेणी के सिनेमाघरों में औसतन 100 से 300 रुपये तक का इजाफा हो सकता है। इससे मल्टीप्लेक्सों के सामान्य टिकट 250 से 500 रुपये और सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों के टिकट 150 से 250 रुपये तक पहुंच सकते हैं। जहां आइमैक्स थियेटर हैं वहां ये टिकट 600 से 900 तक जा सकते हैं।
हाल ही में एक फिल्म ऐसी भी आई थी, जिसकी टिकट 10 हजार रुपये तक बिकने की खबर आई। आखिरी स्लाइड में उसकी पूरी जानकारी है।
दोनों ही फिल्में सितारों और बजट के लिहाज से बहुत बड़ी हैं
सूत्रों के अनुसार शाहरुख की कंपनी रेड चिलीज और रणवीर-दीपिका स्टार फिल्म की निर्माता कंपनी इरोस का पूरा जोर शुक्रवार को ओपनिंग के साथ ही दर्शकों को अपनी तरफ खींच लेने का रहेगा। ट्रेड विशेषज्ञ मान रहे हैं कि लोकप्रियता के लिहाज से शाहरुख-काजोल की फिल्म को बेहतर ओपनिंग लगने की संभावना है।
फिल्म उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी तभी रणवीर-दीपिका की फिल्म को फायदा होगा। वैसे रणवीर-दीपिका की फिल्म को दर्शक बटोरने के लिए हर हाल में अपनी प्रतिद्वंद्वि फिल्म से बेहतर होना होगा।
पिछले दिनों साउथ की बाहुबली हिंदी में सौ करोड़ से ज्यादा का बिजनेस कर चुकी है और उसे लाखों दर्शकों ने देखा है। अगर रणदीप-दीपिका की फिल्म के महल और युद्ध के दृश्यों वाले स्पेशल इफेक्ट्स उन्नीस नजर आए तो बड़ा खतरा सामने है।
सूत्रों के अनुसार दोनों ही फिल्में सितारों और बजट के लिहाज से बहुत बड़ी हैं। अतः कम समय में ज्यादा से ज्यादा पैसा बनाने के लिए उन्हें टिकटों को महंगा करना ही पड़ेगा। टिकट महंगा करने से मल्टीप्लेक्स भी फायदे में होंगे, अतः यह लड़ाई आने वाले दिनों में बेहद रोचक हो सकती है क्योंकि जो निर्माता मल्टीप्लेक्स को ज्यादा फायदा पहुंचाने की स्थिति में होगा उसे ज्यादा स्क्रीन मिलेंगे।
साउथ में बाहुबली के टिकट 10 हजार रुपये तक में बिकने की खबरें थीं
सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों में भी यह लड़ाई चलेगी। जानकारों की मानें तो जो निर्माता सिंगल स्क्रीन सिनेमाघर और मल्टीप्लेक्स वालों को अपने साथ रख सका वह कम से कम शुरुआती लाभ की स्थिति में रहेगा।
सूत्रों का कहना है कि शाहरुख की फिल्म की टिकट दर बढ़नी तय है, जबकि इरोस ऐसा कदम उठाने से पहले काफी सोच-विचार कर रहा है। उसे टिकट दर बढ़ाने और न बढ़ाने, दोनों में नुकसान का खतरा का ज्यादा है। सूत्रों के मुताबिक अगर इरोस टिकट दर नहीं बढ़ाता तब माना जाएगा कि उसे फिल्म में विश्वास नहीं है, फिल्म कमजोर है, इसलिए रेट नहीं बढ़ाए।
जबकि टिकट रेट बढ़ाने के बाद उसका उसका ऐतिहासिक ड्रामा उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा तो दांव बहुत भारी पड़ सकता है। वैसे भी इन दिनों इरोस शेयर मार्केट में झटके झेल रहा है। अतः टिकट खिड़की पर झटका लगने से निवेशकों के बीच उसकी विश्वसनीयता पर खतरा और बढ़ा सकता है।
आज की हकीकत यह है कि दर्शक बदल चुका है और वह केवल अच्छा मनोरंजन चाहता है, जिसके लिए वह मोटी रकम खर्च करने से पीछे नहीं हटता। वहीं मनोरंजन कमजोर हो तो बॉम्बे वेलवेट और शानदार जैसी करोड़ों में बनी सितारा फिल्में दूसरे ही दिन औंधे मुंह गिर जाती हैं।