विद्या बालन का बड़ा बयान, सरकार ने नहीं दिया नेशनल पुरस्कार
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एक तरफ जहां साहित्यकार, फिल्मकार और वैज्ञानिक देश में असहिष्णुता की परिस्थिति का हवाला देते हुए पुरस्कार लौटाने की बात कर रहे हैं वहीं बॉलीवुड अभिनेत्री विद्या बालन ने राष्ट्रीय पुरस्कार लौटाने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार उन्हें किसी सरकार ने नहीं बल्कि देश ने दिया है।
विद्या बालन को 2012 में 'द डर्टी पिक्चर' के लिए मिला राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। उल्लेखनीय है कि बुधवार को एफटीआईआई छात्रों के समर्थन और देश में बढ़ती असहिष्णुता के विरोध में 12 फिल्मकारों ने राष्ट्रीय पुरस्कार लौटाने की बात कही थी।
'पुरस्कार लौटाना अपना ही अपमान करना है'
राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्मकार मधुर भंडारकर ने दिवाकर बनर्जी और आनंद पटवर्धन समेत सभी पुरस्कार लौटाने वाले लोगों की आलोचना की है। मधुर ने ट्वीट कर कहा कि ईनाम लौटाना सबसे पहले अपना अपमान करना है और साथ ही दूसरे कलाकारों का भी।
मधुर ने कहा कि पुरस्कार लौटाना अपने साथ दर्शकों का, ज्यूरी के सदस्यों का और साथ ही साथ राष्ट्रपति का भी अपमान है। मधुर भंडारकर ने साथ ही एक और ट्वीट कर कहा कि पुरूस्कार लौटाने वाले लोग मोदी के सरकार में रहते कोई ईनाम नहीं लेंगे। ये हैं मधुर के ट्वीट।
In my view giving away the National Award is a disrespect to 1self & also 2 the actors, technicians,audience, jury members, & Hon. President
— Madhur Bhandarkar (@imbhandarkar) October 29, 2015
Just wondering, ppl who r returning awards will thy not accept any appreciation or award 4 their work while Modi Govt is in power till 2019?
— Madhur Bhandarkar (@imbhandarkar) October 29, 2015