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विद्या मैडम की नजर में झूठे हैं ऐसे एक्टर

Fri, 30 May 2014 08:11 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, मुंबई
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, मुंबई Updated Fri, 30 May 2014 08:11 AM IST
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Will Vidya Balan outshine herself?

विद्या की बातों से तो यही लग रहा है कि बॉलीवुड में ऐसे कई एक्टर हैं जो झूठ बोलते हैं। किसकी तरफ है इनका इशारा।

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‘कहानी’ और ‘द डर्टी पिक्चर’ जैसी फिल्मों को अपने दम पर कामयाब बनाने वाली विद्या बालन अब पर्दे पर ‘बॉबी जासूस’ बनी नजर आएंगी। फिल्म में दर्शक उनके आठ अलग-अलग रूप देखेंगे। बुधवार को मुंबई में फिल्म का ट्रेलर जारी किया गया। फिल्म का निर्माण दीया मिर्जा ने किया है। इस मौके पर विद्या ने क्या कहा बता रहे है रवि बुले...

लड़कियों में जासूसी का कीड़ा
लोग कहते हैं कि लड़कियों में लड़कों के मुकाबले जासूसी का ज्यादा कीड़ा होता है। वे दूसरों की जिंदगी में झांकने में कुछ ज्यादा दिलचस्पी लेती हैं। वैसे, अब क्या कर सकते हैं कि लड़कियां ज्यादा होशियार होती हैं और इसलिए उनमें दूसरों की जासूसी करने का कीड़ा ज्यादा होता है।
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जासूसी मेरी फितरत रही है और अब तो मैं फिल्म में तक जासूस बन चुकी हूं। मैं अक्सर छोटी-मोटी जासूसी करती रही हूं। कभी दोस्तों के साथ तो कभी परिवार में। यह सब मस्ती-मजाक में किया है और इससे कभी किसी को नुकसान नहीं हुआ। जहां तक पति (सिद्धार्थ रॉय कपूर) की जासूसी का सवाल है तो आप क्यों उन्हें बीच में लाते हैं? वह बहुत ही सीधे हैं और इस मामले में बहुत बोरिंग हैं। उनकी जासूसी नहीं करनी पड़ती।
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झूठ बोलते हैं एक्टर
दरअसल इस फिल्म में अलग-अलग तरह के रूप बदलना ऐसी बात थी जो मेरे लिए चुनौती भी थी और मजा भी। मैं अक्सर अपने कई पुरुष को-स्टार्स को देखती हूं कि वे जरा सी दाढ़ी बढ़ जाने पर झुंझलाते हैं और कभी फिल्म में नकली दाढ़ी-मूंछ लगानी पड़ती है तो नखरे दिखाते हैं कि यह तो चुभ रही है। अच्छा नहीं लग रहा है। वगैरह-वगैरह।

मैं इस बात की सचाई को महसूस करना चाहती थी। अब मैं अलग-अलग पुरुषों वाले गेट-अप फिल्म में निभाने के बाद अपने अनुभव से कह सकती हूं कि ऐसी कोई बात नहीं है। ऐक्टर झूठ बोलते हैं।

गेट-अप के साथ बदलता अंदाज
शूटिंग के दौरान मैंने महसूस किया था कि जैसे ही मैं गेट-अप बदल कर पुरुष वेश में आ जाती थी तो मेरी चाल-ढाल और बोलने का अंदाज अपने आप बदल जाता था। यह बहुत ही एक्साइटिंग था। कई बार ये भी हुआ कि लोग मुझे मेरे गेट-अप में पहचान भी नहीं पाते थे।

सेट पर तक लोगों को पता नहीं लगता था कि मैं उनके सामने खड़ी हूं। फिल्म में मेरा सबसे रोचक गेट-अप मुझे एक ज्योतिषि का लगा, जिसमें मेरे बार रूखे हैं और दांत बड़े-बड़े तथा गंदे हैं। दीया ने जब मेरी मां को ज्योतिषि के गेट-अप में मेरी तस्वीर दिखाई थी तो वह पहचान सकी थीं कि यह विद्या है। मुझे लगता है कि किसी ऐक्टर के लिए किरदार में इस तरह से उतर जाना एक बड़ी उपलब्धि है।

जासूसी के साथ ड्रामा और कॉमेडी
‘बॉबी जासूसी’ पारंपरिक अर्थों में जासूसी फिल्म नहीं है कि इसमें सीधे-सीधे कोई जासूस किसी केस को सुलझाने में लगा है। यह हैदराबाद में रहने वाली एक लड़की की कहानी है जो जासूसी को अपना कैरियर चुनती है और बड़ी जासूस बनना चाहती है। उसके परिवार वाले इसके खिलाफ हैं।

जासूस बनने के चक्कर में इस लड़की को मुश्किल रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। इसे हल्के-फुल्के ढंग से फिल्म में दिखाया गया है। यह फिल्म एक लड़की की दुनिया है। यह फिल्म एक ड्रामेडी है यानी इसमें ड्रामा और कॉमेडी है।

इसलिए बनाया विद्या को जासूसः दीया
मैं विद्या को कई सालों से देखती आ रही हूं और मैंने इनके साथ काम भी किया है। मैं जानती हूं कि जिस तरह से विद्या काम के प्रति समर्पित हो जाती हैं, वैसा हमारी जनरेशन की कोई और हीरोइन नहीं करती।


विद्या रोल में जी-जान लगा देती हैं। फिल्म की कहानी तैयार होने के बाद मैं यह भी जानती थी विद्या के अलावा कोई और अभिनेत्री इतने सारे रोल एक साथ पर्दे पर नहीं निभा सकती। इसीलिए विद्या को मैंने बॉबी जासूस बनाया।

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