Panchang 28 February 2026: 28 फरवरी 2026 को फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि रहने वाली हैं। इस दिन पुनर्वसु नक्षत्र बना रहेगा, जो सुबह 9 बजकर 34 मिनट तक है। इसके अलावा सौभाग्य योग शाम 5 बजकर 1 मिनट तक मान्य है। दिन के सबसे शुभ समय यानी अभिजीत मुहूर्त की बात करें, तो शनिवार को यह दोपहर 12 बजकर 03 मिनट से लेकर 12:50 तक रहेगा। ऐसे में आइए राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त के बारे में भी जानते हैं।
Aaj Ka Panchang 28 Feb: फाल्गुन महीने की शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि, जानिए पूरे दिन का शुभ मुहूर्त
28 February Panchang 2026: 28 फरवरी को फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है। इस शुभ तिथि पर मन के कारक चंद्रमा कर्क राशि में रहेंगे। संयोग की बात यह है कि, इस राशि के स्वामी ग्रह स्वयं चंद्रमा ही हैं। ऐस में यह तिथि पूजा-पाठ व दान-दक्षिणा के लिए उत्तम रहने वाली हैं।
आज का पंचांग
| तिथि | द्वादशी | 20:43 तक |
| नक्षत्र | पुनर्वसु | 09:34 तक |
| प्रथम करण | बव | 09:36तक |
| द्वितीय करण | बालव | 20:43 तक |
| पक्ष | शुक्ल | |
| वार | शनिवार | |
| योग | सौभाग्य | 17:01तक |
| सूर्योदय | 06:48 | |
| सूर्यास्त | 18:19 | |
| चंद्रमा | कर्क | |
| राहुकाल | 09:41-11:07 | |
| विक्रमी संवत् | 2082 | |
| शक संवत | 1947 | विश्वावसु |
| मास | फाल्गुन | |
| शुभ मुहूर्त | अभिजीत | 12:10-12:56 |
क्या होते हैं पंचांग के पांच अंग ?
तिथि
हिन्दू काल गणना के अनुसार 'चन्द्र रेखांक' को 'सूर्य रेखांक' से 12 अंश ऊपर जाने के लिए जो समय लगता है, वह तिथि कहलाती है। एक माह में तीस तिथियां होती हैं। इन दोनों को दो पक्षों में विभाजित क्या गया है। इस दौरान शुक्ल पक्ष की आखिरी तिथि को पूर्णिमा और कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि अमावस्या कहलाती है।
तिथि के नाम- प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, चतुर्थी, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, अष्टमी, नवमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, चतुर्दशी, अमावस्या/पूर्णिमा।
नक्षत्र
आकाश मंडल में एक तारा समूह को नक्षत्र कहा जाता है। इसमें 27 नक्षत्र होते हैं और नौ ग्रहों को इन नक्षत्रों का स्वामित्व प्राप्त है। 27 नक्षत्रों के नाम- अश्विन नक्षत्र, भरणी नक्षत्र, कृत्तिका नक्षत्र, रोहिणी नक्षत्र, मृगशिरा नक्षत्र, आर्द्रा नक्षत्र, पुनर्वसु नक्षत्र, पुष्य नक्षत्र, आश्लेषा नक्षत्र, मघा नक्षत्र, पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र, उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र, हस्त नक्षत्र, चित्रा नक्षत्र, स्वाति नक्षत्र, विशाखा नक्षत्र, अनुराधा नक्षत्र, ज्येष्ठा नक्षत्र, मूल नक्षत्र, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, श्रवण नक्षत्र, घनिष्ठा नक्षत्र, शतभिषा नक्षत्र, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र, रेवती नक्षत्र।
वार
वार का आशय दिन से है। एक सप्ताह में सात वार होते हैं। ये सात वार ग्रहों के नाम से रखे गए हैं।
सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार, रविवार।