Guru Asta Ka Rashiyon Par Prabhav: देवगुरु बृहस्पति इस समय कर्क राशि में पुष्य नक्षत्र से गोचर कर रहे हैं, लेकिन अब सूर्य देव के भी कर्क राशि में प्रवेश करने से दोनों ग्रह एक-दूसरे के बेहद करीबी अंश में आने वाले हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इसी वजह से 14 जुलाई से 12 अगस्त तक गुरु ग्रह अस्त अवस्था में चले जाएंगे। खास बात यह है कि ठीक इसी दौरान चतुर्मास भी शुरू हो जाएगा, जिसके चलते 15 जुलाई से विवाह, मुंडन, जनेऊ संस्कार जैसे तमाम मांगलिक और शुभ कार्यों पर पूरी तरह विराम लग जाएगा। शास्त्रों में गुरु को ज्ञान, समृद्धि और शुभता का कारक माना गया है, इसलिए जब यह ग्रह अस्त होता है, तो इसका शुभ प्रभाव स्वाभाविक रूप से कमजोर पड़ जाता है। नतीजतन, जिन राशियों को अब तक गुरु की अनुकूल स्थिति से लाभ मिल रहा था, उन्हें अब कुछ हद तक परेशानियों और रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि गुरु के अस्त होने का सबसे ज्यादा असर किन राशियों पर पड़ने वाला है।
Guru Asta 2026: कर्क राशि में अस्त होंगे देवगुरु बृहस्पति, जानें किन राशियों पर पड़ेगा असर
Guru Asta 2026: कर्क राशि में पुष्य नक्षत्र से गोचर कर रहे बृहस्पति 15 जुलाई से 9 अगस्त तक अस्त रहेंगे। जानें किन राशियों पर क्या पड़ेगा असर।
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कर्क राशि
गुरु फिलहाल कर्क राशि में राजयोग बना रहे थे, लेकिन अस्त होते ही इनका शुभ प्रभाव कमजोर पड़ जाएगा। इस वजह से पिछले कुछ समय से बन रहा सफलता का सिलसिला थोड़े समय के लिए थम सकता है। जो काम अचानक बनते नजर आ रहे थे, उनमें देरी महसूस हो सकती है। आर्थिक योजनाओं में भी उलझन बढ़ सकती है। स्वभाव में चिड़चिड़ापन आने से करीबी रिश्तों में तनाव की आशंका है, इसलिए इस दौरान कोई बड़ी डील या लेन-देन करने से बचना बेहतर रहेगा। सेहत का ध्यान रखें और जोखिम भरे कामों से दूरी बनाएं। हालांकि पिता और वरिष्ठजनों का सहयोग बना रहेगा, इसलिए उनकी सलाह को नजरअंदाज न करें।
धनु राशि
धनु राशि के लिए भी गुरु का यह अस्त होना अनुकूल नहीं कहा जा सकता, क्योंकि राशि स्वामी गुरु पहले से ही अष्टम भाव में विराजमान हैं और अब अस्त भी हो रहे हैं। साथ ही सूर्य देव भी इसी दौरान आपकी राशि से अष्टम भाव में रहेंगे, जिससे कार्यक्षेत्र में तनाव बढ़ने के योग बन रहे हैं। करियर से जुड़ा कोई भी बड़ा फैसला बहुत सोच-समझकर ही लें। सेहत के मामले में सतर्क रहना जरूरी होगा, क्योंकि इलाज पर खर्च बढ़ सकता है। वाहन और यात्रा से जुड़े खर्चे भी बढ़ने की संभावना है। रिश्तों को समझदारी और धैर्य से संभालें, क्योंकि इस दौरान कोई अनपेक्षित चुनौती सामने आ सकती है।
मकर राशि
मकर राशि के जातकों को अभी तक गुरु की सातवीं दृष्टि का फायदा मिल रहा था, लेकिन अस्त होने के बाद स्थिति में अचानक ठहराव और तनाव आ सकता है। साझेदारी में जुड़े मामलों में विशेष सतर्कता बरतनी होगी, क्योंकि प्रतिद्वंद्वी आपकी योजनाओं में अड़ंगा डालने की कोशिश कर सकते हैं। अगर करियर में कोई बदलाव सोच रहे हैं, तो हर पहलू की अच्छी तरह जांच किए बिना फैसला न लें। सरकारी कामकाज में लापरवाही या जोखिम लेने से बचें, क्योंकि अधिकारी वर्ग आपकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। इस समय पूरा ध्यान अपने काम पर केंद्रित रखना ही समझदारी होगी।
मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए गुरु का अस्त होना कुछ मिले-जुले नतीजे लेकर आएगा। दरअसल इनकी राशि में इस समय शनि की साढ़ेसाती चल रही है, और गुरु का पंचम भाव में होना अब तक इसके प्रभाव को कुछ हद तक कम किए हुए था। लेकिन गुरु के अस्त होते ही साढ़ेसाती का असर बढ़ सकता है। करियर और कामकाज में सफलता पाने के लिए अब पहले से ज्यादा मेहनत करनी होगी। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन खर्चे बढ़ सकते हैं। संतान से जुड़े विषयों को लेकर भी चिंता बनी रह सकती है। छात्रों को इस दौरान अपनी मेहनत के मुताबिक परिणाम न मिलने से निराशा हो सकती है, इसलिए पढ़ाई पर पूरी एकाग्रता बनाए रखना जरूरी होगा।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।