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Child horoscope: क्या बच्चों को भी परेशान करती है साढ़े साती? जानें ग्रह दोष से जुड़ी ज्योतिष मान्यताएं

Fri, 14 Aug 2026 02:06 PM IST
ज्योति मेहरा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: ज्योति मेहरा Updated Fri, 14 Aug 2026 02:06 PM IST
सार

Astrology For Children: ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, कम उम्र के बच्चों पर उनके व्यक्तिगत ग्रहों का प्रभाव उसी तरह नहीं माना जाता, जैसा किसी वयस्क के जीवन में होता है। ऐसे में आइए जानते हैं किस उम्र तक बच्चों पर नहीं पड़ता ग्रह दोष का असर...

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sade sati effect on children planetary dosha astrology
बच्चों पर कब से पड़ता है ग्रह दोष का असर? - फोटो : AI

Effect of planets on children: साढ़े साती, ग्रह दोष और महादशा जैसे विषयों को लेकर अक्सर माता-पिता के मन में कई सवाल रहते हैं। खासकर तब चिंता बढ़ जाती है, जब बच्चे की राशि पर भी साढ़े साती चल रही हो। ऐसे में अभिभावक सोचने लगते हैं कि कहीं इन ग्रह स्थितियों का असर उनके बच्चे के जीवन पर भी तो नहीं पड़ेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, कम उम्र के बच्चों पर उनके व्यक्तिगत ग्रहों का प्रभाव उसी तरह नहीं माना जाता, जैसा किसी वयस्क के जीवन में होता है। एक निश्चित उम्र तक बच्चे के जीवन पर माता-पिता के कर्म और ग्रह अधिक प्रभावी माने जाते हैं। आइए इस विषय के बारे में विस्तार से जानते हैं। 


 

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क्या बच्चों पर भी साढ़े साती और ग्रह दोष का असर होता है? - फोटो : अमर उजाला

क्या बच्चों पर भी साढ़े साती और ग्रह दोष का असर होता है?
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, ग्रहों की स्थिति समय के साथ बदलती रहती है। 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों पर ग्रहों का प्रभाव उसी रूप में नहीं माना जाना चाहिए, जैसा बड़े व्यक्ति पर होता है। वहीं, 12 वर्ष की आयु तक बच्चा अपने कर्मों का पूर्ण रूप से जिम्मेदार नहीं माना जाता। इस अवधि में उसके कर्मों का दायित्व माता-पिता से जोड़ा जाता है।
 

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क्या बच्चों पर भी साढ़े साती और ग्रह दोष का असर होता है? - फोटो : adobe stock

ऐसे में माता-पिता को सलाह दी जाती है कि बच्चों को बचपन से ही अच्छे संस्कार और सकारात्मक धार्मिक गतिविधियों से जोड़ना चाहिए। उनके अनुसार बच्चों को हनुमान चालीसा का पाठ करवाना और भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों के नाम याद करवाकर उनका नियमित जाप कराना शुभ माना जाता है। इससे बच्चे के जीवन में सकारात्मकता और आध्यात्मिक संस्कार विकसित हो सकते हैं।

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क्या बच्चों पर भी साढ़े साती और ग्रह दोष का असर होता है? - फोटो : adobe stock

जन्म से लगभग 12 वर्ष की आयु तक बच्चे के जीवन पर माता-पिता के कर्मों और ग्रह स्थितियों का प्रभाव अधिक माना जाता है। इसके पीछे यह विचार है कि इतनी कम उम्र में बच्चे के स्वयं के कर्मों का संचित प्रभाव पर्याप्त रूप से विकसित नहीं माना जाता।
 

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क्या बच्चों पर भी साढ़े साती और ग्रह दोष का असर होता है? - फोटो : adobe stock

इसी कारण यदि बचपन में किसी बच्चे को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी या अन्य कठिनाइयों का सामना करना पड़े, तो पारंपरिक ज्योतिषीय दृष्टिकोण से उसकी कुंडली के साथ-साथ माता-पिता की ग्रह स्थिति और कर्मों को भी देखा जाता है। हालांकि, ऐसी बातें ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं और इन्हें वैज्ञानिक तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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