इन दिनों कारों में टर्बोचार्जर डीजल इंजनों का ट्रेंड है। लगभग सभी कारें और एसयूवी टर्बोचार्ज्ड डीजल इंजनों से लैस हैं। वहीं जैसे-जैसे प्रदूषण उत्सर्जन नियम कड़े हो रहे हैं, वैसे ही कार कंपनियां नई कारों में टर्बोचार्जर पेट्रोल इंजन लान्च कर रही हैं। टर्बोचार्जर का फायदा यह होता है कि इससे इंजन ज्यादा पावर आउटपुट देता है। वहीं टर्बोचार्ज्ड कारें ज्यादा आने से इंजन की ज्यादा मैंटिनेंस करनी पड़ती है। हम बता रहे हैं वे पांच टिप्स, जिससे कार का टर्बो चार्जर लंबे वक्त तक आपका साथ निभाएगा...
Car Tips: अगर आपके पास है टर्बो इंजन वाली कार या एसयूवी, तो इन बातों का रखें ख्याल
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क्या है टर्बो चार्जर
पहले तो यह बात जान लें, पेट्रोल और डीजल दोनों इंजनों में आने वाले टर्बोचार्जर बेहद महंगे होते हैं। इनकी कीमत 35 हजार रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये तक होती है। यह कीमत कार के इंजन की कैपेसिटी पर निर्भर करती है। टर्बोचार्जर का काम होता है कि यह कंप्रेस्ड हवा को इंजन के चैंबर तक पहुंचाता है। जिससे इंजन का टार्क बढ़ता है और परफॉरमेंस के दौरान उसे ज्यादा हवा मिलती है।
कम रखें आरपीएम
लंबे वक्त के अंतराल के बाद गाड़ी स्टार्ट करने के तुरंत बाद कभी भी पिकअप न दें। थोड़ी देर तक इंतजार करें, ताकि निर्धारित तापमान पर इंजन ऑयल इंजन चैंबर तक पहुंच जाए। अगर आप इसे अनदेखा करते हैं, तो टर्बोचार्ज्ड वाली कारों को ज्यादा नुकसान पहुंच सकता है। सभी इंजन ऑयल्स को ठीक से काम करने क लिए न्यूनतन तापमान की जरूरत होती है। वहीं इंजन की भी जिम्मेदारी होती है कि टर्बोचार्जर को फुल स्पीड पर काम करने के लिए उस तक ठीक से ऑयल पहुंचे और चार्जर को काम करने के लिए सही तापमान मिले। वही गाड़ी चलाते समय क्लस्टर मीटर पर इंजन के तापमान का ध्यान रखें और आरपीएम को कम रखें।
इंजन को एकदम बंद न करें
यह बात समझना जरूरी है कि टर्बोचार्जर कंप्रेस्ड हवा पर काम करता है, वहीं गर्म हवा और ज्यादा घूमने से टर्बोचार्जर बेहद गर्म हो जाता है। जिससे बहुत तेजी से इंजन ऑयल जलता है और उसकी परफॉरमेंस कम होती है। वहीं अगर आप टर्बो के इस्तेमाल के दौरान इंजन बंद कर दें, तो गर्म हवा चार्जर के अंदर ही रह जाती है, जो धीरे-धीरे टर्बो की क्षमता को घटा देती है। इसलिए बेहतर है कि इंजन को बंद करने से पहले उसे आइडियल पोजिशन में लेकर आएं। या फिर गंतव्य स्थान पर पहुंचने से पहले कुछ किलोमीटर तक गाड़ी को कम आरपीएम पर चलाएं।
सही गियर में चलाएं गाड़ी
गाड़ी को कभी भी कम रफ्तार और ऊंचे गियर पर न चलाएं। इससे इंजन की परफॉरमेंस पर फर्क पड़ता है। सामान्य इंजनों के साथ यह सिद्धांत होता है कि कम आरपीएम से ज्यादा माइलेज मिलता है। लेकिन टर्बोचार्जर इंजनों के साथ ऐसा नहीं है। टर्बो को काम करने के लिए हवा की जरूरत होती है और जितना ज्यादा वह घूमेगा, उतनी तेजी से हवा खींचगा और ऐसा तभी होगा कि जब तक गाड़ी खास आरपीएम पर नहीं पहुंचेगी। ठंडे इंजन पर आरपीएम कम रखें, लेकिन अगर इंजन गर्म होने के बावजूद आरपीएम कम रखते हैं, तो इंजन अपनी पूरी क्षमता के साथ काम नहीं कर पाएगा। इसके लिए आप गाड़ी का मैनुअल पढ़ कर भी जानकारी हासिल कर सकते हैं।