गाड़ियों की बिक्री घटने से बाजार में मचा हाहाकार, क्या मोदी सरकार खेलेगी ये दो बड़े दांव?
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राहत पैकेज की मांग
सरकार से ऑटो इंडस्ट्री की पहली मांग राहत पैकेज की है। कंपनियों का कहना है कि इस मुश्किल की घड़ी से बाहर निकलने के लिए सरकार उन्हें आर्थिक मदद दे। कंपनियों का कहना है कि बिक्री में आई जबरदस्त कमी से ऑपरेशन काफी प्रभावित हुआ है। इसके अलावा सुरक्षा मानकों को पूरा करने में काफी खर्च आ रहा है।
घटाई जाएं जीएसटी की दरें
सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम- SIAM) के अध्यक्ष राजन वढेरा के मुताबिक कंपनियों को वाहनों पर 3 से 9 फीसदी तक का मुनाफा होता है। जबकि, सरकार की तरफ से वाहनों पर 28 से 60 फीसदी तक जीएसटी टैक्स लगाए जा रहे हैं। वढेरा का कहना है कि कंपनियों के मार्जिन से ज्यादा तो सरकार को फायदा हो रहा है। ऐसे में उनका कहना है कि एक साल के लिए सरकार जीएसटी की दरों को 10 फीसदी तक घटा दे।
बिक्री बढ़ाने के रास्ते हो रहे बंद
इंडस्ट्री का कहना है कि कोरोना काल में हुए नुकसान के कारण ग्राहकों को डिस्काउंट देना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में बिक्री का बढ़ाने में और भी परेशानी आ रही है। कंपनियों का कहना है कि कोविड-19 को लेकर अपनाए जा रहे सुरक्षा प्रयासों में अतिरिक्त खर्च के कारण डिस्काउंट देना मुश्किल है।
बिक्री घटने से परेशान
सियाम का कहना है कि कोरोना से हुए नुकसान को देखते हुए ऑटो इंडस्ट्री को वित्तवर्ष 2018-19 जैसे हालात तक पहुंचने में तीन से चार साल लग जाएंगे। इंडस्ट्री के मुताबिक सभी वाहनों की कैटेगरी में 26 से 45 फीसदी तक की गिरावट देखी जा रही है।