आज हम आपको कार के उन चार फीचर्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके बारे में लोग या तो नहीं जानते हैं, या आधी-अधूरी जानकारी रखते हैं। जबकि, खास बात यह है कि इन फीचर्स के बगैर कोई भी गाड़ी बेकार है। ऐसे में आज हम आपको कार के इन चार फीचर्स के बारे में आसान भाषा में समझाएंगे, जिसके बाद आप कभी भी इनके और इनकी खासियतों के बारे में नहीं भूलेंगे। तो डालते हैं एक नजर,
इन 4 फीचर्स के बिना बेकार है कोई भी कार, लेकिन फिर भी लोग नहीं जानते इनके फायदे
टॉर्क
टॉक को हम रोटेशनल फोर्स या ट्विस्टिंग फोर्स भी कहते हैं। टॉर्क को आसान भाषा में समझें, तो अगर आपको एक रिन्च से बोल्ट को खोलना है, तो बोल्ट को घुमाने के लिए रिन्च पर जो ताकत लगती है उसे हम टॉर्क कहते हैं। यानी जिस गाड़ी में टॉर्क ज्यादा होगा उसका पिकअप भी ज्यादा होगा। इसे और भी आसान शब्दों में समझें तो जैसे रॉयल एनफील्ड की बाइक को एक्सीलेटर देते समय जो झटका आपको लगता है, उसे हम टॉर्क कहते हैं।
पावर
एक जगह से दूसरी जगह तक कोई भी कार कितनी तेजी से पहुंच सकती है इसे आप पावर कह सकते हैं। अब यहां टॉर्क और पावर में अंतर समझना जरूरी है। इसे उदाहरण के रूप में समझते हैं।
- टॉर्क- मान लीजिए प्वाइंट A से प्वाइंट B तक की दूरी 2 किलोमीटर है। इस दूरी को कोई भी कार धीमी रफ्तार में टॉर्क की मदद से तय कर सकती है। यानी बिना टॉर्क के गाड़ी चल ही नहीं सकती है।
- फोर्स- प्वाइंट A से प्वाइंट B तक की दूरी कितनी जल्दी तय करना है यह कार की पावर पर निर्भर करता है। आसान भाषा में समझें तो जिस कार का पावर ज्यादा होगा वह 2 किलोमीटर की दूरी को तेजी से तय करेगी।
एबीएस
यह एक नई तकनीक है, जो सेंसर्स पर काम करती है। ये सेंसर्स गाड़ी के पहियों में लगे होते हैं। जब आप अचानक से ब्रेक लगाते हैं, तो एबीएस एक्टिवेट हो जाता है। इसके बाद यह जरूरत के हिसाब से थोड़ा-थोड़ा करके ब्रेक लगाता है, जिससे पहिया जाम न हो। इससे गाड़ी फिसलती नहीं है और हादसा नहीं होता है।
आरपीएम
आरपीएम को रोटेशन पर मिनट कहते हैं। आसान भाषा में समझें तो इंजन के अंदर एक पार्ट होता है, जिसे हम क्रैंक शाफ्ट कहते हैं। यह क्रैंक शाफ्ट एक मिनट में जितनी बार घुमता है और उसकी वजह से जो पिस्टन ऊपर नीचे जाता है उसको आरपीएम कहते हैं।