प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का आधिकारिक रूप से उद्घाटन कर दिया। इसे दून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर भी कहा जा रहा है। प्रधानमंत्री ने 11,963 करोड़ की लागत से बने 213 किमी लंबे दून-दिल्ली ऐलिवेटेड एक्सप्रेस-वे की सौगात उत्तराखंड समेत दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लोगों की दी। यह अंतरराज्यीय परियोजना कनेक्टिविटी बढ़ाने और पहाड़ी इलाकों में यात्रा को अधिक सुगम और तेज बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
Dehradun Expressway: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सख्त नियम लागू, चालान से बचने के लिए जानें जरूरी बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का औपचारिक उद्घाटन कर दिया। इस नए मार्ग पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, अधिकारियों ने वाहन की रफ्तार की सख्त सीमाएं लागू की हैं।
इस एक्सप्रेसवे पर स्पीड लिमिट क्या तय की गई है?
यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त स्पीड लिमिट लागू की गई है।
पैसेंजर कारों के लिए अधिकतम गति 100 किमी प्रति घंटा तय की गई है। जबकि भारी वाहनों के लिए यह सीमा 80 किमी प्रति घंटा है।
इन नियमों को लागू करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और परिवहन विभाग ने ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए हैं। जो नियम तोड़ने वालों पर खुद-ब-खुद चालान जारी करेंगे।
ड्राइवर्स के लिए क्या सेफ्टी गाइडलाइंस जारी की गई हैं?
तेज और सुगम यात्रा को लेकर लोगों में उत्साह है, लेकिन परिवहन विभाग ने मोटर चालकों के लिए कुछ अहम निर्देश भी जारी किए हैं:
यात्रा की योजना बनाएं: सफर शुरू करने से पहले अपने एंट्री और एग्जिट पॉइंट तय कर लें।
लेन अनुशासन का पालन करें: भारी वाहन बाईं लेन में चलें, सामान्य वाहन बीच की लेन में और दाईं लेन केवल ओवरटेकिंग के लिए उपयोग करें।
क्या करना मना है?: एक्सप्रेसवे पर वाहन रोकना या यू-टर्न लेना सख्त मना है।
इमरजेंसी में क्या करें?: वाहन खराब होने पर उसे किनारे लगाएं और निर्धारित हेल्पलाइन के जरिए पेट्रोलिंग टीम से संपर्क करें।
वन्यजीव और पर्यावरण का ध्यान रखें: अनावश्यक हॉर्न बजाने से बचें और सतर्क रहें, ताकि स्थानीय वन्यजीवों की सुरक्षा हो सके।
भौगोलिक स्थिति का ध्यान रखें: देहरादून में प्रवेश करते समय आशारोड़ी के पास ढलान ज्यादा है, इसलिए वहां वाहन की रफ्तार कम रखें।
सामान्य नियम: ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल और शराब पीकर वाहन चलाना सख्त मना है। साथ ही, दुर्घटना की स्थिति में घायलों की मदद करने के लिए नागरिकों को प्रोत्साहित किया गया है।
इंसिडेंट मैनेजमेंट सिस्टम कैसे काम करता है?
पूरे एक्सप्रेसवे पर एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाया गया है।
एक्सीडेंट डिटेक्शन कैमरे सेंट्रल कंट्रोल रूम से जुड़े हैं, जिससे किसी भी हादसे की स्थिति में तुरंत मदद भेजी जा सके।
इसके अलावा, यह सिस्टम गलत दिशा में ड्राइविंग या ओवरस्पीडिंग जैसे ट्रैफिक उल्लंघनों पर स्वतः जुर्माना भी लगाएगा।
