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Flex Fuel: क्या है E20, E85 व E100 में अंतर? गाड़ी में पेट्रोल डलवाने से पहले जान लें कौन-सा फ्यूल है सुरक्षित

Tue, 07 Jul 2026 12:19 PM IST
Jagriti ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jagriti Updated Tue, 07 Jul 2026 12:19 PM IST
सार

E20 Compatible Cars: देश में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। सरकार भी 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित E20 पेट्रोल को बढ़ावा दे रही है और अब कई चार और दो-पहिया वाहन इसी ईंधन के अनुरूप तैयार किए जा रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि E20, E85 और E100 में क्या अंतर है और आपकी गाड़ी के लिए कौन-सा ईंधन सही है? आइए, इस लेख में इसे विस्तार से समझते हैं।
 

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E20 vs E85 vs E100: Which Fuel Right, Why It Matters?
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड
Ethanol Blended Petrol: पर्यावरण संरक्षण और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने  के लिए पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण (ब्लेंडिंग) को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। फिलहाल E20 पेट्रोल सबसे ज्यादा चर्चा में है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई तरह के दावे और अफवाहें वायरल हो रही हैं, जिससे वाहन मालिकों के मन में इसकी सुरक्षा और प्रभाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, सरकार इन दावों को भ्रामक बताते हुए स्पष्ट कर चुकी है कि E20 पेट्रोल निर्धारित मानकों के अनुसार तैयार किया गया है और E20-अनुकूल (Compatible) वाहनों के लिए इसका उपयोग सुरक्षित है। अब इनके बीच अंतर समझिए...


E20, E85 और E100 का मतलब क्या होता है?

इन ईंधनों के नाम में मौजूद E का मतलब इथेनॉल होता है, जबकि उसके बाद लिखा नंबर यह बताता है कि ईंधन में इथेनॉल की मात्रा कितनी है।
  • E20 में 20% इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है। भारत में फिलहाल इसी ब्लेंड को बड़े स्तर पर अपनाया जा रहा है। जिन वाहनों को E20 कंपैटिबल दर्शाया गया है, वे इसे बिना किसी बदलाव के सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • E85 में 85% इथेनॉल होता है। इसे केवल फ्लेक्स-फ्यूल व्हीकल्स के लिए तैयार किया गया है। इन वाहनों में विशेष फ्यूल सिस्टम, सेंसर और इंजन ट्यूनिंग होती है, जो ज्यादा इथेनॉल के अनुरूप काम करती है।
  • E100 लगभग पूरी तरह इथेनॉल आधारित ईंधन है। इसका उपयोग केवल विशेष रूप से विकसित वाहनों में ही किया जा सकता है। सामान्य पेट्रोल इंजन इसके लिए उपयुक्त नहीं होते।
E20 vs E85 vs E100: Which Fuel Right, Why It Matters?
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड
क्या तीनों ईंधन एक-दूसरे की जगह इस्तेमाल किए जा सकते हैं?
नहीं,  E20, E85 और E100 को बिल्कुल भी एक-दूसरे के विकल्प के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। आपकी गाड़ी में कौन-सा ईंधन सुरक्षित रहेगा, यह पूरी तरह वाहन निर्माता की मंजूरी और ओनर्स मैनुअल पर निर्भर करता है। इसलिए ईंधन भरवाने से पहले वाहन की सिफारिश जरूर जांचें, नहीं तो आपकी गाड़ी खराब हो सकती है।

क्या ज्यादा इथेनॉल इंजन को नुकसान पहुंचाता है?
  • यह धारणा अधिकतर लोगों के मन में है, जिसकी वजह शायद सोशल मीडिया है। विशेषज्ञ कहते हैं कि यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है कि इथेनॉल इंजन खराब कर देता है। असली समस्या तब होती है जब वाहन की क्षमता से अधिक इथेनॉल वाला ईंधन इस्तेमाल किया जाता है।
  • अगर आपकी गाड़ी E20 कंपैटिबल है, तो E20 पेट्रोल से इंजन को नुकसान नहीं होना चाहिए। निर्माता पहले ही फ्यूल लाइन, सील और इंजन के अन्य जरूरी हिस्सों को इस ब्लेंड के अनुरूप तैयार कर चुके होते हैं।
  • लेकिन अगर सामान्य पेट्रोल इंजन में E85 या E100 जैसे हाई-इथेनॉल फ्यूल का इस्तेमाल किया जाए, तो समस्या पैदा हो सकती है। इथेनॉल का दहन पेट्रोल से अलग तरीके से होता है, इसलिए ऐसे ईंधनों के लिए अलग इंजन कैलिब्रेशन की जरूरत पड़ती है।
  • हालांकि पेट्रोलियम डीलर्स कहते हैं कि यह पुराने वाहनों के कुछ रबर और धातु के हिस्से भी लंबे समय में प्रभावित हो सकते हैं, जिससे फ्यूल सिस्टम में खराबी, परफॉर्मेंस में गिरावट और महंगे रिपेयर की नौबत आ सकती है, लेकिन फिलहाल कोई ऐसा मामला सामने नहीं आया है। वहीं, ARAI की एक रिपोर्ट में इसमें छह प्रतिशत तक माइलेज घटने और कई पुराने कारों के पार्ट्स खराब हाे सकने का दावा किया गया है।
E20 vs E85 vs E100: Which Fuel Right, Why It Matters?
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड
इथेनॉल बढ़ने पर माइलेज क्यों कम हो जाता है?
  • कई वाहन मालिकों को लगता है कि ज्यादा इथेनॉल वाले ईंधन से माइलेज कम हो जाता है। इसका कारण इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता है।
  • इथेनॉल में पेट्रोल की तुलना में कम ऊर्जा होती है। इसलिए समान पावर पैदा करने के लिए इंजन को थोड़ा ज्यादा ईंधन जलाना पड़ता है।
  • E20 के लिए डिजाइन की गई गाड़ियों में यह अंतर सामान्यतः बहुत कम महसूस होता है, क्योंकि इंजन को उसी हिसाब से तैयार किया गया है।
  • वहीं E85 और E100 में माइलेज में ज्यादा गिरावट देखी जा सकती है, खासकर यदि वाहन फ्लेक्स-फ्यूल मॉडल न हो।
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E20 vs E85 vs E100: Which Fuel Right, Why It Matters?
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड
वाहन निर्माता क्या कहते हैं?
ऑटोमोबाइल कंपनियां जैसे मारुति सुजुकी, टाेयोटा, महिंद्रा और हीरो मोटोकॉर्प के अनुसार E20 पेट्रोल को व्यापक परीक्षण के बाद पेश किया गया है। कंपनियों और विशेषज्ञों का कहना है कि जिन वाहनों को E20 के अनुरूप बनाया गया है, उनमें इसका उपयोग सुरक्षित है।

सुरक्षित इस्तेमाल का सबसे आसान नियम
ईंधन चुनते समय हमेशा वाहन निर्माता की सिफारिश को प्राथमिकता दें। Owner's Manual में बताए गए फ्यूल ग्रेड का ही इस्तेमाल करें। इससे इंजन की परफॉर्मेंस बेहतर रहती है, ईंधन प्रणाली सुरक्षित रहती है और भविष्य में अनावश्यक मरम्मत के खर्च से भी बचा जा सकता है।
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