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Electric Vehicles: 2035 तक इलेक्ट्रिक वाहन करेंगे भारत की 8.7% बिजली की खपत, अध्ययन में दावा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 01 Oct 2024 06:36 PM IST
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Electric Car
- फोटो : Freepik
2035 तक भारत की कुल बिजली का 8.7 प्रतिशत हिस्सा इलेक्ट्रिक वाहनों द्वारा खपत किया जाएगा। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग, बिक्री और बेड़े की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। अगले दशक के मध्य तक भारत की बिजली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा इलेक्ट्रिक वाहनों द्वारा खपत किया जाएगा, जो छह प्रतिशत से 8.7 प्रतिशत के बीच होगा।
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निवेश प्रबंधन फर्म IKIGAI एसेट मैनेजर होल्डिंग्स ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि इलेक्ट्रिक वाहनों द्वारा की जाने वाली यह बिजली खपत देश भर में ईवी की बढ़ती हुई स्वीकृति दर और पावर ग्रिड पर उनके असर को दिखाती है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वैश्विक स्तर पर भी, उपभोक्ताओं द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने का स्तर बढ़ रहा है। 2023 में, इलेक्ट्रिक वाहन दुनिया भर में कुल कार बिक्री का 18 प्रतिशत हिस्सा होंगे। जिसमें चीन का योगदान 50 प्रतिशत से ज्यादा होगा। इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल में इस तीव्र बढ़ोतरी का वैश्विक बिजली खपत पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
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Electric Car
- फोटो : Freepik
रिपोर्ट में आगे यह भी अनुमान लगाया गया है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती पहुंच के साथ वैश्विक बिजली खपत में उनकी हिस्सेदारी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि यह बढ़ोतरी 2023 में 0.5 प्रतिशत से 2035 तक 8.1 प्रतिशत से 9.8 प्रतिशत के बीच होने की उम्मीद है।
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मजबूत एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत
अध्ययन में यह भी बताया गया है कि बढ़ते ईवी इकोसिस्टम को सपोर्ट करने के लिए, भारत को एक मजबूत एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर (ऊर्जा बुनियादी ढांचे) का निर्माण करने की जरूरत है। क्योंकि मांग तेजी से बढ़ रही है। जैसे-जैसे अधिक उपभोक्ता इलेक्ट्रिक वाहन खरीदते और रखते हैं, देश के बिजली क्षेत्र को नई बिजली की जरूरत को कुशलतापूर्वक पूरा करने के लिए उत्पादन क्षमता का विस्तार करने की आवश्यकता होगी।
अध्ययन में यह भी बताया गया है कि बढ़ते ईवी इकोसिस्टम को सपोर्ट करने के लिए, भारत को एक मजबूत एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर (ऊर्जा बुनियादी ढांचे) का निर्माण करने की जरूरत है। क्योंकि मांग तेजी से बढ़ रही है। जैसे-जैसे अधिक उपभोक्ता इलेक्ट्रिक वाहन खरीदते और रखते हैं, देश के बिजली क्षेत्र को नई बिजली की जरूरत को कुशलतापूर्वक पूरा करने के लिए उत्पादन क्षमता का विस्तार करने की आवश्यकता होगी।
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Electric Vehicles Charging Station
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भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन बाजार के 2022 में दर्ज 3.21 अरब डॉलर से बढ़कर इस दशक के आखिर तक 113.99 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। जो 66.52 प्रतिशत की सीएजीआर दर्ज करेगा। बढ़ते ईवी बाजार को सहारा देने के लिए, देश में इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी बाजार के भी 2023 में 16.77 अरब डॉलर से बढ़कर 2028 तक 27.70 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
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