सड़क और यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए गाजियाबाद परिवहन विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। अब जिले में चलने वाले सभी व्यावसायिक वाहनों में Vehicle Location Tracking Device (वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस) (VLTD) लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह नियम 1 अप्रैल से लागू होगा। जिन वाहनों में यह डिवाइस नहीं होगी, उन्हें सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
RTO: गाजियाबाद में 40,000 से ज्यादा वाहनों पर लागू होगा नया RTO नियम, जानें एक अप्रैल से क्या बदलने जा रहा है?
सड़क और पैसेंजर सेफ्टी को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए, गाजियाबाद ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने 1 अप्रैल से जिले में चलने वाली सभी कमर्शियल गाड़ियों के लिए व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) लगाना जरूरी कर दिया है।
इस फैसले से कितने वाहन प्रभावित होंगे?
गाजियाबाद जैसे बड़े औद्योगिक और परिवहन केंद्र में इस नियम का असर व्यापक होगा। विभाग के अनुसार, जिले में पंजीकृत 40,000 से अधिक बसें, टैक्सी, स्कूल वैन, लोडर और अन्य कमर्शियल वाहन इस दायरे में आएंगे।
परिवहन विभाग ने साफ किया है कि 10 से 15 साल पुराने सभी पंजीकृत व्यावसायिक वाहनों में AIS-140 सर्टिफाइड VLTD लगवाना अनिवार्य होगा और यह काम केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही कराया जा सकेगा।
VLTD और पैनिक बटन क्यों बनाए गए हैं जरूरी?
VLTD केवल वाहन की लोकेशन ट्रैक करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक अहम सुरक्षा उपकरण भी है। खास तौर पर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर इसे अनिवार्य किया गया है।हर वाहन में पैनिक बटन भी लगाया जाएगा। किसी आपात स्थिति में बटन दबाते ही अलर्ट सीधे परिवहन विभाग के कमांड सेंटर तक पहुंचेगा, जिससे तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी।
VLTD न होने पर कौन-कौन सी सेवाएं बंद हो जाएंगी?
गाजियाबाद RTO ने साफ किया है कि 1 अप्रैल के बाद जिन वाहनों में VLTD सक्रिय नहीं होगी, उनके लिए ऑनलाइन पोर्टल पर कई सेवाएं रोक दी जाएंगी। इनमें शामिल हैं:
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फिटनेस सर्टिफिकेट: बिना VLTD फिटनेस पास नहीं होगी।
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परमिट सेवाएं: नया परमिट जारी नहीं होगा और पुराने का नवीनीकरण भी नहीं होगा।
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एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट): दूसरे जिले या राज्य में ट्रांसफर के लिए एनओसी नहीं मिलेगी।
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ओनरशिप ट्रांसफर: वाहन बिक्री के बाद नाम परिवर्तन की प्रक्रिया रोकी जाएगी।
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टैक्स से जुड़ी दिक्कतें: पोर्टल पर वाहन रिकॉर्ड पेंडिंग दिखेगा, जिससे टैक्स भुगतान में परेशानी आएगी।
VLTD लगाने का खर्च और प्रक्रिया क्या होगी?
VLTD और पैनिक बटन लगाने का पूरा खर्च वाहन मालिक को खुद उठाना होगा। परिवहन विभाग के अनुसार, AIS-140 सर्टिफाइड VLTD की लागत 5,000 रुपये से 10,000 रुपये के बीच हो सकती है।
इस राशि में डिवाइस की कीमत, इंस्टॉलेशन चार्ज और 1 से 3 साल तक का SIM/सॉफ्टवेयर किराया शामिल है।इंस्टॉलेशन के बाद डिवाइस को परिवहन विभाग के कमांड सेंटर सर्वर से लिंक कराना जरूरी होगा। जब तक यह लिंक सफलतापूर्वक नहीं होता, तब तक RTO सॉफ्टवेयर वाहन को किसी भी सेवा के लिए क्लियरेंस नहीं देगा।