भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है और आने वाले वर्षों में इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है। रेटिंग एजेंसी इंड-रा (Ind-Ra) के अध्ययन के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 (FY27) तक देश में कुल वाहन बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी 10-12 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। यह आंकड़ा FY26 में दर्ज 8.5 प्रतिशत के मुकाबले अधिक होगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस बढ़ोतरी में सबसे बड़ी भूमिका इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की रहने वाली है। एजेंसी का मानना है कि जिन वाहन श्रेणियों में इलेक्ट्रिक तकनीक आर्थिक रूप से ज्यादा फायदेमंद साबित हो रही है। वहां ईवी अपनाने की रफ्तार सबसे तेज बनी रहेगी।
कौन-सा EV सेगमेंट सबसे तेज बढ़ेगा?
Ind-Ra के अध्ययन के अनुसार, आने वाले समय में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन भारतीय ईवी बाजार की सबसे बड़ी ताकत बनेंगे। कम परिचालन खर्च और बढ़ते विकल्प इस सेगमेंट को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।
ईवी दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ेगी:
FY27 में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी 8-10% तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि FY26 में यह 6.6% थी।
कम रनिंग कॉस्ट का मिलेगा फायदा:
पेट्रोल वाहनों की तुलना में कम परिचालन खर्च ईवी अपनाने का एक बड़ा कारण माना जा रहा है।
घर पर चार्जिंग की सुविधा:
आसान होम चार्जिंग विकल्प भी ग्राहकों को इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने के लिए आकर्षित कर रहे हैं।
मॉडलों की संख्या बढ़ रही है:
मौजूदा वाहन निर्माता लगातार नए इलेक्ट्रिक मॉडल पेश कर रहे हैं, जिससे ग्राहकों के पास पहले से ज्यादा विकल्प उपलब्ध हो रहे हैं।