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Repo Rate: ऑटो उद्योग की खिली बांछें, ब्याज दर में कटौती से बढ़ेगी मांग, दोपहिया और छोटी कारों को मिलेगा फायदा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 07 Feb 2025 07:52 PM IST
सार
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा प्रमुख ब्याज दर में कटौती का असर बाजार में सकारात्मक माहौल बनाएगा और दोपहिया व छोटी कारों की मांग को बढ़ावा देगा।
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा प्रमुख ब्याज दर में कटौती का असर बाजार में सकारात्मक माहौल बनाएगा और दोपहिया व छोटी कारों की मांग को बढ़ावा देगा। ऑटो इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि इससे कीमत को लेकर संवेदनशील इन सेगमेंट्स को सबसे ज्यादा फायदा होगा।
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ब्याज दर में कटौती का असर
RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अगुवाई में मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने शुक्रवार को रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती कर इसे 6.25 प्रतिशत कर दिया। यह मई 2020 के बाद पहली बार ब्याज दरों में कटौती है और करीब ढाई साल में पहली बार इसमें बदलाव किया गया है।
इस कटौती के बारे में सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने कहा, "इस समय ब्याज दरों में कटौती और हाल ही में बजट में व्यक्तिगत आयकर में छूट का मिला-जुला असर ऑटो सेक्टर के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा। इससे लोन की लागत घटेगी और गाड़ियों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बनेगा।"
RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अगुवाई में मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने शुक्रवार को रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती कर इसे 6.25 प्रतिशत कर दिया। यह मई 2020 के बाद पहली बार ब्याज दरों में कटौती है और करीब ढाई साल में पहली बार इसमें बदलाव किया गया है।
इस कटौती के बारे में सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने कहा, "इस समय ब्याज दरों में कटौती और हाल ही में बजट में व्यक्तिगत आयकर में छूट का मिला-जुला असर ऑटो सेक्टर के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा। इससे लोन की लागत घटेगी और गाड़ियों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बनेगा।"
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ग्राहकों की जेब पर असर
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) (फाडा) के अध्यक्ष सीएस विग्नेश्वर ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा, "यह कटौती हाल ही में वित्त मंत्री द्वारा 12.75 लाख रुपये तक की इनकम पर जीरो टैक्स के फैसले के साथ मिलकर ग्राहकों की जेब में ज्यादा पैसा छोड़ेगी, जिससे उनकी क्रय शक्ति बढ़ेगी।"
उन्होंने आगे कहा, "ऑटो लोन सस्ते होने से उन दोपहिया और छोटी कारों की मांग मजबूत होगी, जो महंगाई और कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से ग्राहकों की पहुंच से बाहर हो रही थीं।"
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) (फाडा) के अध्यक्ष सीएस विग्नेश्वर ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा, "यह कटौती हाल ही में वित्त मंत्री द्वारा 12.75 लाख रुपये तक की इनकम पर जीरो टैक्स के फैसले के साथ मिलकर ग्राहकों की जेब में ज्यादा पैसा छोड़ेगी, जिससे उनकी क्रय शक्ति बढ़ेगी।"
उन्होंने आगे कहा, "ऑटो लोन सस्ते होने से उन दोपहिया और छोटी कारों की मांग मजबूत होगी, जो महंगाई और कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से ग्राहकों की पहुंच से बाहर हो रही थीं।"
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बाजार में नई ऊर्जा आने की उम्मीद
फाडा ने आरबीआई के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि इससे ऑटोमोबाइल रिटेल सेक्टर को नई ऊर्जा मिलेगी और यह सेगमेंट फिर से ग्रोथ की ओर बढ़ सकता है।
ह्यूंदै मोटर इंडिया लिमिटेड (HMIL) के पूर्णकालिक निदेशक और सीओओ तरुण गर्ग ने कहा, "फिलहाल बाजार में मांग स्थिर बनी हुई है और हमारे डीलरों के पास करीब चार सप्ताह का स्टॉक उपलब्ध है। आरबीआई द्वारा ब्याज दर में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती से भविष्य में मांग को और मजबूती मिलेगी।"
फाडा ने आरबीआई के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि इससे ऑटोमोबाइल रिटेल सेक्टर को नई ऊर्जा मिलेगी और यह सेगमेंट फिर से ग्रोथ की ओर बढ़ सकता है।
ह्यूंदै मोटर इंडिया लिमिटेड (HMIL) के पूर्णकालिक निदेशक और सीओओ तरुण गर्ग ने कहा, "फिलहाल बाजार में मांग स्थिर बनी हुई है और हमारे डीलरों के पास करीब चार सप्ताह का स्टॉक उपलब्ध है। आरबीआई द्वारा ब्याज दर में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती से भविष्य में मांग को और मजबूती मिलेगी।"
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ग्रामीण बाजार में भी दिखेगा असर
ब्याज दर में कटौती का असर सिर्फ शहरी ग्राहकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्रामीण बाजार में भी इसकी मांग को बढ़ावा मिलेगा।
गर्ग ने कहा, "हमें लगता है कि ग्रामीण बाजार में योगदान लगातार बढ़ेगा, क्योंकि सरकार किसानों की आय बढ़ाने, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को मजबूती देने और किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए आसान लोन उपलब्ध कराने पर ध्यान दे रही है।"
उन्होंने आगे कहा, "सड़कों का बुनियादी ढांचा लगातार मजबूत हो रहा है, जिससे ग्रामीण मांग को बढ़ावा मिल रहा है। अब शहरी और ग्रामीण बाजारों के बीच का अंतर तेजी से कम हो रहा है और ग्रामीण ग्राहकों की पसंद भी तेजी से बदल रही है।"
ब्याज दर में कटौती का असर सिर्फ शहरी ग्राहकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्रामीण बाजार में भी इसकी मांग को बढ़ावा मिलेगा।
गर्ग ने कहा, "हमें लगता है कि ग्रामीण बाजार में योगदान लगातार बढ़ेगा, क्योंकि सरकार किसानों की आय बढ़ाने, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को मजबूती देने और किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए आसान लोन उपलब्ध कराने पर ध्यान दे रही है।"
उन्होंने आगे कहा, "सड़कों का बुनियादी ढांचा लगातार मजबूत हो रहा है, जिससे ग्रामीण मांग को बढ़ावा मिल रहा है। अब शहरी और ग्रामीण बाजारों के बीच का अंतर तेजी से कम हो रहा है और ग्रामीण ग्राहकों की पसंद भी तेजी से बदल रही है।"