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Car Safety: भारत में कारों के लिए वैश्विक सुरक्षा मानदंडों को अपनाया जाए, गडकरी की वाहन निर्माताओं से अपील
Wed, 14 Sep 2022 11:08 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 14 Sep 2022 11:08 PM IST
सार
सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि भारत में ज्यादातर ऑटोमोबाइल निर्माता पहले से ही 6 एयरबैग वाली कारों का निर्यात कर रहे हैं, और देश में कारों के लिए समान सुरक्षा मानदंडों को अपनाने की जरूरत है। गडकरी ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि उन्हें छोटे किफायती कारों का इस्तेमाल करने वाले लोगों की सुरक्षा के बारे में भी सोचना चाहिए।
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नितिन गडकरी
- फोटो : PTI
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सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि भारत में ज्यादातर ऑटोमोबाइल निर्माता पहले से ही 6 एयरबैग वाली कारों का निर्यात कर रहे हैं, और देश में कारों के लिए समान सुरक्षा मानदंडों को अपनाने की जरूरत है। गडकरी ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि उन्हें छोटे किफायती कारों का इस्तेमाल करने वाले लोगों की सुरक्षा के बारे में भी सोचना चाहिए।
कार में एयरबैग
- फोटो : For Reference Only
उन्होंने कहा, "भारत में अधिकांश ऑटोमोबाइल निर्माता 6 एयरबैग वाली कारों का निर्यात कर रहे हैं। लेकिन भारत में, आर्थिक मॉडल और लागत के कारण, वे कतरा रहे हैं।"
गडकरी ने आश्चर्य जताया कि ऑटोमोबाइल निर्माता भारत में इकॉनमी कारों का इस्तेमाल करने वाले लोगों के जीवन के बारे में क्यों नहीं सोच रहे हैं। ज्यादातर, निम्न मध्यम वर्ग के लोग छोटी इकॉनमी वाली कारें खरीदते हैं।
गडकरी ने आश्चर्य जताया कि ऑटोमोबाइल निर्माता भारत में इकॉनमी कारों का इस्तेमाल करने वाले लोगों के जीवन के बारे में क्यों नहीं सोच रहे हैं। ज्यादातर, निम्न मध्यम वर्ग के लोग छोटी इकॉनमी वाली कारें खरीदते हैं।
कार में एयरबैग
- फोटो : For Reference Only
एयरबैग एक व्हीकल ऑक्यूपेंट-रिस्ट्रेंट सिस्टम (वाहन अधिभोगी-संयम प्रणाली) है जो टक्कर के दौरान चालक और वाहन के डैशबोर्ड के बीच गुब्बारे की तरह फुल जाती है, जिससे गंभीर चोटों को रोका जा सकता है।
मंत्री ने कहा कि देश में दुर्घटनाओं को कम करना समय की मांग है।
गडकरी ने कहा, "दुर्घटनाओं को कम करने के लिए हमें ऑटोमोबाइल उद्योग के सहयोग की जरूरत है। सुरक्षित कारों के उत्पादन के लिए निर्माताओं के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए।"
सरकार अक्तूबर से कार निर्माताओं के लिए आठ सीटों वाले वाहनों में कम से कम छह एयरबैग उपलब्ध कराने को अनिवार्य बनाने की कोशिश कर रही है।
गडकरी की टिप्पणी इसलिए अहम है क्योंकि ऑटोमोबाइल उद्योग यह चिंता जताती रही है कि वाहनों के लिए हाई टैक्स और सख्त सुरक्षा और उत्सर्जन मानदंडों ने उनके उत्पादों को महंगा बना दिया है।
मंत्री ने कहा कि देश में दुर्घटनाओं को कम करना समय की मांग है।
गडकरी ने कहा, "दुर्घटनाओं को कम करने के लिए हमें ऑटोमोबाइल उद्योग के सहयोग की जरूरत है। सुरक्षित कारों के उत्पादन के लिए निर्माताओं के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए।"
सरकार अक्तूबर से कार निर्माताओं के लिए आठ सीटों वाले वाहनों में कम से कम छह एयरबैग उपलब्ध कराने को अनिवार्य बनाने की कोशिश कर रही है।
गडकरी की टिप्पणी इसलिए अहम है क्योंकि ऑटोमोबाइल उद्योग यह चिंता जताती रही है कि वाहनों के लिए हाई टैक्स और सख्त सुरक्षा और उत्सर्जन मानदंडों ने उनके उत्पादों को महंगा बना दिया है।
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एयरबैग से मिलती है सुरक्षा
- फोटो : For Reference Only
इस साल की शुरुआत में, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने एक बयान में कहा कि साइड से लगने वाले टक्कर से मोटर वाहन में बैठने वालों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए, केंद्रीय मोटर वाहन नियमों (सीएमवीआर), 1989 में संशोधन करके सुरक्षा फीचर्स को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
बयान में कहा गया था, "14 जनवरी, 2022 को एक मसौदा अधिसूचना जारी की गई है, जिसमें कहा गया है कि 1 अक्तूबर, 2022 के बाद निर्मित एम 1 श्रेणी के वाहनों को दो साइड / साइड टोरसो एयर बैग से लैस किया जाएगा, फ्रंट रो आउटबोर्ड में बैठने वाले हर व्यक्तियों के लिए एक-एक एयरबैग होगा। और दो साइड कर्टेन/ट्यूब एयर बैग्स, आउटबोर्ड पर बैठने वाले व्यक्तियों के लिए एक-एक होगा।
बयान में कहा गया था, "14 जनवरी, 2022 को एक मसौदा अधिसूचना जारी की गई है, जिसमें कहा गया है कि 1 अक्तूबर, 2022 के बाद निर्मित एम 1 श्रेणी के वाहनों को दो साइड / साइड टोरसो एयर बैग से लैस किया जाएगा, फ्रंट रो आउटबोर्ड में बैठने वाले हर व्यक्तियों के लिए एक-एक एयरबैग होगा। और दो साइड कर्टेन/ट्यूब एयर बैग्स, आउटबोर्ड पर बैठने वाले व्यक्तियों के लिए एक-एक होगा।
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एयरबैग से मिलती है सुरक्षा
- फोटो : For Reference Only
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार, 2021 में पूरे भारत में सड़क दुर्घटनाओं में 1.55 लाख से अधिक लोगों की जान चली गई - औसतन हर रोज 426 या हर एक घंटे में 18 - जो किसी भी कैलेंडर वर्ष में अब तक दर्ज की गई सबसे अधिक मौत का आंकड़ा है।
'भारत में सड़क दुर्घटनाएं - 2020' शीर्षक वाली रिपोर्ट के मुताबिक, 11 प्रतिशत से ज्यादा मौतें और चोटें सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करने के कारण हुईं।
गडकरी ने कहा कि सड़क सुरक्षा सरकार का सर्वोच्च एजेंडा है।
'भारत में सड़क दुर्घटनाएं - 2020' शीर्षक वाली रिपोर्ट के मुताबिक, 11 प्रतिशत से ज्यादा मौतें और चोटें सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करने के कारण हुईं।
गडकरी ने कहा कि सड़क सुरक्षा सरकार का सर्वोच्च एजेंडा है।