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इस गांव में बहू को कर दिया जाता है कमरे में बंद, न मिलता है खाना और न कपड़े
Sun, 05 Mar 2017 09:30 AM IST
amarujala.com (presented by: पूर्णिमा आचार्य)
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Updated Sun, 05 Mar 2017 09:30 AM IST
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देश-विदेश में ऐसी कई प्रथाएं हैं जिनके चलते लोगों को बहुत सी परेशानियां उठानी पड़ती हैं। कुछ प्रथाएं तो इतनी विचित्र हैं कि उनके बारे में सोचकर ही दिल सहम जाता है। लेकिन इन सबके बावजूद आज भी लोग इन प्रथाओं को मानने के लिए विवश हैं। ऐसा ही कुछ है हिमाचल प्रदेश के एक गांव में।
इस गांव में बहू को कर दिया जाता है कमरे में बंद, न मिलता है खाना और न कपड़े
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हिमाचल प्रदेश के मणिकर्ण घाटी में एक पीणी नाम का गांव है। यहां की परंपरा है कि घर की बहू को एक निश्चित समय में पांच दिनों के लिए एक अलग कमरे में बंद कर दिया जाता है। उसे इन दिनों में बिना कपड़ों और बिना खाने के रहना होता है। इस समय में वो अपने पति से बातचीत भी नहीं कर सकती और हंसी मजाक करना भी मना होता है।
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इन पांच दिनों में गांव में किसी प्रकार का कोई जश्न नहीं मनाया जाता। किसी प्रकार का नशा नहीं किया जाता। यह प्रथा बहुत पुरानी बताई जाती है। गांव के लोगों का कहना है कि बहू के ऐसा करने से घर में खुशियां आती हैं। पारिवारिक रिश्तों में शांति बनी रहती है।
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इस प्रथा की मान्यता है कि इस समय पति एवं पत्नी को निकट नहीं आना चाहिए। यदि ऐसा होता है तो यह अशुभ संकेत है। इस समय में महिलाएं ऊन से बने पट्टू ओढ़ती हैं।
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वैसे इस परंपरा का कोई लिखित प्रमाण नहीं है लेकिन मान्यता है कि लाहुआ घोंड देवताओं ने पीणी पहुंचकर राक्षसों का संहार किया था। उस कथा के परिपालन में ही इस प्रथा को माना जाता है।
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