Alien News: वैज्ञानिकों ने एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया है। इस दावे से दुनियाभर में हलमच मच गई है। वैज्ञानिकों ने एक नया अध्ययन किया है, उसमें उन्होंने कहा है कि एक रहस्यमयी एलियन अंतरिक्ष यान तेजी से धरती की तरफ आ रहा है, जो नवंबर में पृथ्वी पर हमला कर सकता है। दरअसल, हाल ही में एक एक इंटरस्टेलर खोजा गया था, जिसका नाम 3I/ATLAS रखा गया है। यह काफी तेजी से पृथ्वी की तरफ बढ़ रहा है। वैज्ञानिकों को कुछ ऐसे संकेत मिले हैं, जिसके आधार पर इसके एलियन स्पेसक्राफ्ट होने की आशंका जताई गई है।
Alien News: पृथ्वी पर नवंबर में हमला कर सकता है रहस्यमयी एलियन स्पेसक्राफ्ट, वैज्ञानिकों ने शोध में किया दावा
Alien News: वैज्ञानिकों ने एक नए अध्ययन में दावा किया है कि एक रहस्यमयी एलियन अंतरिक्ष यान तेजी से धरती की तरफ आ रहा है, जो नवंबर में पृथ्वी पर हमला कर सकता है।
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शोधकर्ताओं ने अनुमान जताया है कि 3I/ATLAS की कक्षा इस तरह की है जैसे कोई एलियन यान बिना पकड़ में आए चमका देकर पृथ्वी तक आसानी से पहुंच सकता है। इसी कारण वैज्ञानिको ने दावा किया है कि नवंबर की आखिर में जब यह सूर्य के सबसे पास पहुंचेगा, तो यह पृथ्वी की नजरों से गायब हो जाएगा। इससे यह अपनी गति धीमी करने और सौर मंडल में रहने के लिए एक सीक्रेट हाईस्पीड युद्धाभ्यास कर सकेगा और गुप्त रूप से हमले की तैयारी करेगा।
साइंस रिसर्च पेपर में अध्ययन करने वाले वैज्ञानिकों ने यह भी कहा है कि 3I/ATLAS के आगे बढ़ने का रास्ता और गति असामान्य है। इससे यह शुक्र, मंगल और बृहस्पति जैसे ग्रहों के बहुत करीब जाता है। ऐसा संयोगवश होने की संभावना 0.005% से भी कम है। इस शोध पत्र की अभी समीक्षा नहीं की गई है। शोध पत्र के लेखकों में एवी लोएब शामिल हैं, जो हार्वर्ड के एक प्रसिद्ध खगोल भौतिक विज्ञानी हैं। एवी को विवादास्पद शोध और एक्सट्राटेरिटेरियल इंटेलिजेंस की खोज पर मुखर विचारों के लिए जाना जाता है।
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पहले भी किया था ऐसा दावा
उन्होंने 2017 में दावा किया था कि हो सकता है कि इंटरस्टेलर 'ओउमुआमुआ' के अजीबोगरीब एक्सलरेशन और आकार को देखकर लगता है कि किसी एलियन सभ्यता ने एक आर्टिफिशियल टेस्ट के लिए बनाया हो। इस शोध पत्र पर लंदन स्थित इनिशिएटिव फॉर इंटरस्टेलर स्टडीज के शोधकर्ता एडम हिबर्ड और एडम क्राउल भी काम कर रहे था। हिबर्ड और क्राउन ने साफ कर दिया है कि उनका शोध पूर्णतः अनुमानों पर आधारित और काल्पनिक है, जरूरी नहीं है कि वह उन तथ्यों पर आधारित हो जिन पर वे विश्वास करते हैं।
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पेपर में लिखा गया है कि यह शोधपत्र उल्लेखनीय है, लेकिन इनके हाइपोथेसिस की जांच भी जरूरी है, इस पर लेखकों का अनिवार्य रूप से कोई प्रभाव नहीं है, फिर भी यह निश्चित रूप से विश्लेषण और रिपोर्ट करने योग्य है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी भी दी है कि अगर उनकी परिकल्पना सही साबित हुई, तो मानवता के लिए परिणाम भयावह हो सकते हैं। इसके लिए हमें रक्षात्मक कार्रवाई करने की आवश्यकता हो सकती है।

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