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स्टडी: सिर्फ इतने साल में आर्कटिक में खत्म हो जाएगी बर्फ, मंडरा रहा तबाही का खतरा, दुनिया पर आएगी आफत

फीचर डेस्क, अमर उजाला Published by: धर्मेंद्र सिंह Updated Thu, 07 Mar 2024 05:41 PM IST
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Arctic Ocean Will Be Ice Free New Study Found What It Mean And How Effect On Ecosystem
Arctic Ocean Will Be Ice Free New Study - फोटो : Istock

स्टडी: दुनिया में अक्सर कई डराने वाले अध्ययन सामने आते रहते हैं। अब वैज्ञानिकों ने एक वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन के बाद बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि सिर्फ 10 साल के अंदर आर्कटिक में बर्फ खत्म हो जाएगी। यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो बोल्डर में यह अध्ययन किया गया है। इसमें कहा गया है कि गर्मियों के मौसम में भी बर्फ नजर आती है, लेकिन आने वाले कुछ सालों में बर्फ खत्म हो जाएगी। नेचर रिव्यू अर्थ एंड एनवायरमेंट जर्नल में यह अध्ययन प्रकाशित किया गया है। 



अध्ययन के मुताबिक, जल्द ही आर्कटिक से बर्फ गायब हो जाएगी और यह 10 सालों के अंदर ही होगा। अध्ययन में कहा गया है कि जिस हिसाब से तापमान में वृद्धि हो रही है, वह खतरनाक है। यह नहीं है कि ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन कम करने से ऐसी स्थिति उतपन्न नहीं होगी। वैज्ञानिकों ने हर तरह की स्थितियों की जांच की है, जिसके बाद उन्होंने दावा किया कि 10 साल में बर्फ का पिघलना तय है। 
 

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Arctic Ocean Will Be Ice Free New Study Found What It Mean And How Effect On Ecosystem
Arctic Ocean Will Be Ice Free New Study - फोटो : Istock

उनका कहना है कि इस सदी के मध्य तक आर्कटिक के समुद्र में सितंबर महीने में बर्फ नजर नहीं आएगी। सदी के अंत तक यह कई महीनों तक यह नजारा नहीं दिखेगा। अगर कार्बन डाईऑक्साइड का उत्सर्जन अभी की तरह अधिक हुआ, तो उस स्थिति में भी धरती के उत्तरी क्षेत्र में सर्दियों में भी कम बर्फ नजर आएगी। इसका मतलब यह नहीं है कि बर्फ एकदम नहीं बचेगी। वैज्ञानिक भाषा में अगर आर्कटिक में 10 लाख वर्ग किलोमीटर बर्फ रहती है, तो उसे बिना बर्फ का आर्कटिक कहा जाता है। 
 

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Arctic Ocean Will Be Ice Free New Study Found What It Mean And How Effect On Ecosystem
Arctic Ocean Will Be Ice Free New Study - फोटो : Istock

1980 में इस क्षेत्र में सबसे कम बर्फ देखी गई थी। हाल के सालों में आर्कटिक में सितंबर के महीने में सबसे कम बर्फ 33 लाख वर्ग किलोमीटर दर्ज की गई थी।  वैज्ञानिक एलेक्जेंड्रा जान ने यह अध्ययन किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान, इतिहास और उत्सर्जन के हिसाब से कंप्यूटर मॉडल्स बनाए। इसके बाद उस आधार पर भविष्य में बर्फ की मात्रा का विश्लेषण किया गया।

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Arctic Ocean Will Be Ice Free New Study Found What It Mean And How Effect On Ecosystem
Arctic Ocean Will Be Ice Free New Study - फोटो : Istock

जानकारी मिली कि प्रतिवर्ष अगर 1 वर्ग किलोमीटर बर्फ पिघलती है तो अधिकतम 18 साल में आर्कटिक की बर्फ गर्मियों में समाप्त हो जाएगी। अगर ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन इसी दर से होता रहा है, तो कम से कम 10 साल में ही यह नजारा दिख सकता है। यानी 2030 के दशक में आर्कटिक इलाके में सितंबर के महीने में बर्फ नजर नहीं आएगी। आर्कटिक के जानवरों पर इसका सबसे अधिक प्रभाव पड़ेगा। 


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Arctic Ocean Will Be Ice Free New Study Found What It Mean And How Effect On Ecosystem
Arctic Ocean Will Be Ice Free New Study - फोटो : Istock


आर्कटिक सागर गर्म होने पर इलाके में वह मछलियां पहुंच जाएंगी, जो वहां पर नहीं रहतीं। इससे स्थानीय ईकोसिस्टम पर नई प्रजातियां पहुंच जाएगा। इसका असर कितना होगा, यह पता करना बहुत मुश्किल है। लहरों के तेज टक्कर से मिट्टी का कटना होगा और इससे तटीय इलाका कट-कटकर समंदर में गिरेगा। 

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