Asia Smallest Country: दक्षिण एशिया में स्थित मालदीव एशिया का सबसे छोटा देश है, जिसका क्षेत्रफल करीब 298 वर्ग किलोमीटर है। जनसंख्या के मामले में भी यह एशिया का सबसे छोटा देश है। साल 2016 में हुई जनगणना के मुताबिक, देश की कुल आबादी करीब चार लाख 28 हजार है। साल 2021 में 5.21 लाख जनसंख्या होने का आकलन किया गया था। लगभग मालदीव करीब 1200 द्वीपों का समूह है, जो हिंद महासागर में मौजूद एक द्वीप देश है। भारत के बेहद करीब मालदीव के 200 द्वीपों पर ही स्थानीय आबादी रहती है, तो 12 द्वीप सैलानियों के लिए हैं।
Asia Smallest Country: ये है एशिया का सबसे छोटा देश, मुस्लिमों के लिए है विशेष कानून, जानिए इसके बारे में...
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मालदीव बारहवीं शताब्दी तक हिंदू राजाओं के अधीन था। इसके बाद यह देश बौद्ध धर्म का भी केंद्र बना। इस देश पर तमिल चोला राजा भी राज कर चुके हैं। हालांकि उसके बाद देश धीरे धीरे मुस्लिम राष्ट्र में बदलता चला गया। मालदीव का शासकीय धर्म इस्लाम ही है। मालदीव का नागरिक एक गैर मुस्लिम नहीं बन सकता। आंकड़ों के मुताबिक, देश में 20 हजार के आसपास कामकाजी भारतीय रहते हैं, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती है।
ऐतिहासिक साक्ष्यों और किंवदंतियों के मुताबिक, मालदीव का इतिहास 2,500 सालों से ज्यादा पुराना है। मालदीव में शुरू में रहने वाले गुजराती थे, जो करीब 500 ईसा पूर्व श्रीलंका जाकर बस गए और वहां से कुछ मालदीव चले गए। मालदीव के पहले निवासी धेविस नाम से जाने जाते थे, जो भारत में कालीबंगा से आये थे। तांबे की प्लेटें जिन पर सौर राजवंश के मालदीव के पहले राजाओं का इतिहास था, जो बहुत पहले खो गईं।
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12वीं शताब्दी के बाद यहां अरबी व्यापारियों का प्रभाव हो गया जिसके बाद यहां के राजा मुस्लिम बन गए। 06 इस्लामी राजवंशों के एक श्रृंखला की शुरुआत हुई जिसके बाद जनता भी मुस्लिम बन गई। इसके बाद धीरे-धीरे यहां की जनता भी मुस्लिम बनती चली गई और यह देश धीरे-धीरे मुस्लिम देश बन गया।
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साल 1965 में मालदीव अंग्रेजों से आजाद हुआ। इस देश को सबसे पहले भारत ने ही मान्यता दी थी। सदियों से मालदीव धार्मिक, सांस्कृतिक तौर पर भारत के करीब रहा है। मालदीव में लगभग 25,000 भारतीय रहते हैं, जो दूसरे सबसे बड़े विदेशी समुदाय के लोग हैं। मालदीव एक सुन्नी मुसलमान बहुल देश है।