Comet: खतरे में दुनिया! धरती के पास आ रहा विशालकाय धूमकेतु, बचे हैं सिर्फ इतने दिन
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हबल स्पेस टेलिस्कोप ने साल 2017 में K2 धूमकेतु को खोजा था। इस दौरान यह सौर मंडल के बाहरी किनारे पर था। उस समय वैज्ञानिकों ने माना था कि खोजा गया धूमकेतु सबसे दूर है। बीते साल इसने मेगाकॉमेट बर्नाडिनेली-बर्नस्टीन की दूरी को पार कर लिया था। 14 जुलाई को यह पृथ्वी से 27 करोड़ किलोमीटर दूर से गुजरेगा। हालांकि इससे धरती को कोई खतरा नहीं है। वैज्ञानिकों के लिए इसके धरती के पास आना अद्भुत नजारा होगा।
बीते साल से K2 धूमकेतु धरती की तरफ लगातार बढ़ रहा है। जमी गैस, पत्थर और धूल का एक गुब्बार होता है धूमकेतु। सूरज के पास पहुंचने पर यह पिघलने लगता है जिसकी वजह से इस पीछे सफेद रंग की पूंछ नजर आती है। धूमकेतु के चारों तरफ बनने वाले बादल को कोमा कहा जाता है।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जब से इसको खोजा गया है, तभी से यह सक्रिय है। तब यह शनि ग्रह और यूरेनस के आसपास की कक्षा में घूम रहा था। उस दौरान यह धरती से 240 करोड़ किलोमीटर की दूरी पर था। शुरुआती जांच में जानकारी मिली है कि इस धूमकेतु का न्यूक्लियस यानी केंद्र बहुत विशाल है।
कनाडा-फ्रांस-हवाई टेलिस्कोप की मदद से इस पर स्टडी की गई थी। माना जाता है कि K2 धूमकेतु का न्यूक्लियस 30 से 160 किलोमीटर के बीच चौड़ा हो सकता है। हबल स्पेस टेलिस्कोप से पता चला था कि इसकी चौड़ाई 18 किलोमीटर है। धरती के पास आने पर अंतरिक्ष वैज्ञानिक इसके सही आकार का पता लगा पाएंगे। धरती पर मौजूद टेलिस्कोप की नजर 19 दिसंबर तक इस पर रहेगी। सूरज के पीछे छिपने तक इस पर नजर रखा जाएगा।