Biggest Supermoon 2022: इस साल की सबसे बड़ी खगोलीय घटनाओं में से एक 'सुपरमून' (Supermoon 2022) 13 जुलाई यानी आज देखा जा सकता है। जब चंद्रमा (Moon) अपनी कक्षा में धरती (Earth) के सबसे करीब होता है तब सुपरमून दिखाई देता है। आज गुरु पूर्णिमा के दिन आसमान में सुपरमून का खूबसूरत नजारा देख सकते हैं। हर दिन की तुलना में चांद बहुत बड़ा, चमकीला और गुलाबी नजर आएगा।
Supermoon 2022: आज दिखेगा अनोखा चांद, धरती के पास आएगा चंद्रमा, जानिए सुपरमून के बारे में सबकुछ
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इसके अलावा सुपरमून के कुछ घंटों बाद फुलमून नजर आएगा जिसे दो से तीन दिन तक देख सकते हैं। दरअसल यह फुलमून नहीं होगा, लेकिन चांद के आकार की वजह से उसी तरह नजर आएगा। इसके अलावा इस दौरान परछाई की स्ट्रिप चांद पर बहुत पतली दिखाई देगी। चांद में बदलाव काफी धीरे होगा जिसकी वजह से फुलमून की ही तरह नजर आएगा। खुली आंखों से इस प्रकिया को देखना थोड़ा कठिन है।
जानिए किसे कहते हैं सुपरमून (Biggest Supermoon)
सुपरमून (Supermoon) का मतलब होता है चांद अपनी आकार से ज्यादा बड़ा दिखाई देगा। इसके साथ ही हर दिन से ज्यादा चमकदार नजर आएगा। यह इसलिए होता है कि इस दौरान चांद और धरती की दूरी बहुत कम हो जाती है। चांद धरती के पास आ जाता है।
इस स्थिति को परीजी (Perigee) कहा जाता है। इसके साथ ही धरती की परिक्रमा के दौरान चांद दूर भी जाता है जिसे अपोजी (Apogee) कहा जाता है। इस समय धरती और चंद्रमा के बीच दूरी 4,05,500 किमी होती है।
कैसे सुपरमून शब्द की हुई शुरुआत?
सुपरमून शब्द की शुरुआत साल 1979 में हुई। ज्योतिषी रिचर्ड नोले ने इस शब्द को चलन में आया था। जब चंद्रमा धरती के निकटतम 90 फीसदी पेरिगी के दायरों में आता है, तो इस खगोलीय घटना को सुपरमून कहते हैं।
सुपरमून को बकमून के नाम से भी जानते हैं। इसके साथ दुनिया भर में इसको अलग-अलग नाम से जाना जाता है।