हाल ही में किए गए शोध में एक हैरान करने वाली बात सामने आई है। वैज्ञानिकों को पता चला है कि लाखों साल पुराने छोटे जीव के कारण हिकुरंगी सबडक्शन जोन (Hikurangi subduction zone) में विनाशकारी भूकंप आ सकता है। दरअसल, न्यूजीलैंड के सबसे बड़े फॉल्ट (Fault), सबडक्शन जोन पर पैसिफिक प्लेट, ऑस्ट्रेलियाई प्लेट के नीचे डाइव करती है। इस जोन में आठ मैग्निट्यूड से ज्यादा के विशाल 'मेगाथ्रस्ट' भूकंप (Megathrust Earthquake) आने की संभावना है।
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Study: मृत जीवों की वजह से समुद्र में आ सकता है सबसे बड़ा भूकंप, शोध में हुआ खुलासा
Fri, 14 Oct 2022 05:09 PM IST
ज्योति मेहरा
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Fri, 14 Oct 2022 05:09 PM IST
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समुद्र में आ सकता है सबसे बड़ा भूकंप
- फोटो : istock
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समुद्र में आ सकता है सबसे बड़ा भूकंप
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डॉ. बोल्टन ने बताया कि चट्टानों में कैल्साइट है, ये एक कोशिका वाले पुराने समुद्री जीवों खासकर फोरामिनिफेरा, जैसे प्लैंकटन से बनता है। उन छोटे जीवों से बना कैल्साइट, सबडक्शन जोन में मूवमेंट को प्रभावित करने में सक्षम होता है।
समुद्र में आ सकता है सबसे बड़ा भूकंप
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डॉ बोल्टन का कहना हैं कि यदि चट्टानों में मौजूद कैल्साइट घुल जाएगा, तो फॉल्ट कमजोर हो जाएगा और भूकंप के बिना ही आसानी से स्लाइड हो सकता है। लेकिन केल्साइट नहीं घुलता है, तो फॉल्ट ऊर्जा को स्टोर कर लेगा और लॉक हो सकता है। ऐसे में बड़ा भूकंप आने की संभावना है। तापमान कम होने पर कैल्साइट तेजी से घुलता है, वहीं तापमान के बढ़ने से इसका घुलना मुश्किल होने लगा है।
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समुद्र में आ सकता है सबसे बड़ा भूकंप
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शोधकर्ताओं के मुताबिक सबडक्शन जोन में, तापमान जमीन की तुलना में काफी धीरे-धीरे (करीब 10ºC/ किमी) बढ़ता है। यही कारण है कि फॉल्ट असल में कैल्साइट के प्रति संवेदनशील है। इन जीवों से बने कैल्साइट की मात्रा ही तय करता है कि अगला भूकंप कितना बड़ा होने वाला है।
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डॉ बोल्टन ने बताया कि अध्ययन से सामने आया है कि सबडक्शन जोन का उथला हिस्सा, प्लेट की गति को धीरे-धीरे या तेजी से खिसकाकर बड़े और हानिकारक भूकंप का कारण बन सकता है। उन्होंने बताया कि सबडक्शन जोन के पास आए एक मेगा थ्रस्ट भूकंप, से एक बड़ी सुनामी आई होगी। भूवैज्ञानिक खुदाई और उत्तर व दक्षिण द्वीपों के पूर्वी तटों के पास के जीवाश्म रिकॉर्ड में इसके प्रमाण भी पाए गए हैं। अनुमान ये है कि अगले 50 सालों में हिकुरंगी सबडक्शन जोन के दक्षिणी किनारे पर भयानक भूकंप की 26% संभावना है।