Oldest Heart: जीवित रहने के लिए दिल सबसे बड़ी भूमिका निभाता है। दुनिया के ज्यादातर जीवों में दिल होता है, लेकिन हाल ही में वैज्ञानिकों ने धरती का सबसे पुराना दिल खोज निकाला है। आपको जानकर हैरानी होगी कि ये दिल केवल एक रीढ़ की हड्डी वाले जीव का है। वैज्ञानिकों ने इसकी 3D स्कैनिंग की तो पाया कि दिल के अंदर के अंगों की स्थिति हैरान करने वाली थी। हालांकि अब ये दिल काम नहीं करता, लेकिन इसका हर हिस्सा एकदूसरे से जुड़ा हुआ था। आइए जानते हैं आखिर से दिल किस जीव का था और उसकी उम्र कितनी थी?
वैज्ञानिकों ने इस दिल को आर्थोडायर हार्ट (Arthrodire Heart) नाम दिया है, जो करीब 380 मिलियन साल (38 करोड़ साल) पुराना है। ये मजबूत कवच जैसी खाल वाली मछली आर्मर्ड फिश (Armored Fish) का दिल है। किसी समय इस दिल में खून बहता होगा, लेकिन अब इसके अंदर मात्र खनिज भरे पड़े हैं। इतना अधिक समय होने के चलते इसमें खनिज जमा हो गया है। हैरानी की बात तो ये है कि इस दिल में आज भी नरम ऊतक (Soft Tissues) सुरक्षित हैं। इसी से दिल का थ्रीडी स्कैनिंग किया जा सका।
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दुनिया का सबसे पुराना दिल
- फोटो : twitter/@aunidan64
इस प्राचीन मछली का दिल S आकार का था. जिसमें 2 चेंबर थे। इसमें छोटा चेंबर बड़े चेंबर के ऊपर था। पुरातत्वविज्ञानियों (Palaeontologist) की मानें तो यह ज्यादा आधुनिक दिल था। ऐसे में अब उम्मीद जताई जा रही है कि इस दिल की स्टडी के जरिए पुराने जीवों के बारे में अधिक जानकारियां मिल सकेंगी।
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ऑस्ट्रेलिया के कर्टिन यूनिवर्सिटी की पुरातत्वविज्ञानी केट ट्रिनाजास्टिक का कहना है कि इवोल्यूशन बेहद धीमी प्रक्रिया है। इस जीवाश्म से समझा जा सकता है कि कैसे एक बिना जबड़े वाले जीव, जबड़े वाले जीवों में परिवर्तित हो गए। स्टडी के जरिए पता चला कि ये आर्थोडायर मछली का दिल है। अजीब बात ये है कि वह इसे अपने मुंह में रखती थी यानी गिल्स के नीचे।
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- फोटो : iStock
आजकल शार्क मछलियों का दिल भी ऐसे ही होता है। ये दिल पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के उत्तर में स्थित गोगो फॉर्मेशन ये पाया गया है। ये जगह जीवाश्मों के लिए ही जानी जाती है, जहां पर डेवोनियन काल के कई जीवाश्म भी मौजूद हैं। इनकी उम्र करीब 41.92 करोड़ से 35.89 करोड़ साल के बीच होती है।
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- फोटो : Mysterious Places of Ocean
दरअसल, डेवोनियन काल में इन मछलियों ने करीब 5 करोड़ सालों तक समुद्रों में राज किया है। इसके बाद ये धीरे-धीरे विलुप्त होने लगीं। इसी दौरान किसी मछली का जीवाश्म बना होगा, जिसके सारे अंग खत्म हो गए होंगे, लेकिन दिल सड़ने से पहले खनिजों के जमा हो गया होगा जिसकी वजह से यह जीवाश्म बन गया।