{"_id":"69f1e2be718f3beec207216a","slug":"chinese-man-survives-40-hours-without-a-heartbeat-man-lives-after-heart-stops-for-40-hours-ecmo-2026-04-29","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Bizarre News: 40 घंटे बिना धड़कन के जिंदा रहा शख्स, मौत के मुंह से वापस लौटा मरीज","category":{"title":"Bizarre News","title_hn":"हटके खबर","slug":"bizarre-news"}}
Bizarre News: 40 घंटे बिना धड़कन के जिंदा रहा शख्स, मौत के मुंह से वापस लौटा मरीज
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Published by: Jyoti Mehra
Updated Wed, 29 Apr 2026 04:23 PM IST
सार
Bizarre News: झेजियांग यूनिवर्सिटी मेडिकल स्कूल से जुड़े एक इमरजेंसी डॉक्टर ने अपने सोशल मीडिया पर इस घटना को साझा किया, जिसमें एक शख्स का दिल करीब 40 घंटे तक धड़कना बंद रहा, फिर भी वह मौत को मात देकर जिंदा बच गया।
विज्ञापन
1 of 5
40 घंटे बिना धड़कन के जिंदा रहा शख्स
- फोटो : AI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
Man Lives After Heart Stops for 40 Hours: कभी-कभी जिंदगी विज्ञान की सीमाओं को भी चुनौती देती नजर आती है। कुछ ऐसी ही हैरान कर देने वाली घटना चीन से सामने आई, जहां एक शख्स का दिल करीब 40 घंटे तक धड़कना बंद रहा, फिर भी वह मौत को मात देकर जिंदा बच गया। इस मामले ने न सिर्फ लोगों को चौंकाया, बल्कि आधुनिक चिकित्सा तकनीकों को लेकर नई बहस भी छेड़ दी।
यह मामला तब चर्चा में आया, जब झेजियांग यूनिवर्सिटी मेडिकल स्कूल से जुड़े एक इमरजेंसी डॉक्टर ने अपने सोशल मीडिया पर इस घटना को साझा किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 40 साल के इस व्यक्ति को अचानक दिल का दौरा पड़ा था। डॉक्टरों ने कई बार इलेक्ट्रिक शॉक देकर दिल को चालू करने की कोशिश की, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। आखिरकार डॉक्टरों ने एक उन्नत तकनीक का सहारा लिया, जिसने इस मरीज की जिंदगी बचा ली।
2 of 5
तकनीक ने दिया सहारा
- फोटो : adobestock
तकनीक ने दिया सहारा
यह तकनीक है एक्स्ट्राकॉर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेशन (ECMO), जिसे एक तरह की आर्टिफिशियल लाइफ सपोर्ट मशीन कहा जा सकता है। यह मशीन दिल और फेफड़ों का काम अस्थायी रूप से संभालती है, खून में ऑक्सीजन पहुंचाती है और कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर निकालती है। जब शरीर के अहम अंग काम करना बंद कर देते हैं, तब यह तकनीक मरीज को जीवित रखने में मदद करती है।
3 of 5
40 घंटे बिना धड़कन के जिंदा रहा शख्स
- फोटो : Adobe Stock
इससे पहले भी इस तकनीक ने कई असंभव लगने वाले मामलों में जीवन बचाया है। अलग-अलग घटनाओं में मरीजों को घंटों, यहां तक कि कई दिनों बाद भी दोबारा जीवित किया जा चुका है। हालांकि, यह इलाज जितना प्रभावी है, उतना ही जोखिम भरा भी है। डॉक्टरों को लगातार इस बात का संतुलन बनाए रखना पड़ता है कि खून के थक्के न बनें और साथ ही अत्यधिक ब्लीडिंग भी न हो क्योंकि दोनों ही स्थितियां जानलेवा हो सकती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
40 घंटे बिना धड़कन के जिंदा रहा शख्स
- फोटो : Adobe Stock
इस केस में भी डॉक्टरों की टीम को कई जटिल चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लगातार निगरानी और सटीक निर्णयों की बदौलत मरीज की हालत धीरे-धीरे सुधरने लगी। करीब 10 दिनों तक वह इस मशीन के सहारे जिंदा रहा और लगभग 20 दिनों के भीतर पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने पैरों पर अस्पताल से बाहर निकल गया। हैरानी की बात यह रही कि उसे कोई गंभीर साइड इफेक्ट भी नहीं हुआ।
विज्ञापन
5 of 5
40 घंटे बिना धड़कन के जिंदा रहा शख्स
- फोटो : adobestock
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ECMO के साथ कुछ खतरे भी जुड़े होते हैं, जैसे स्ट्रोक, किडनी फेलियर और मानसिक तनाव। इसके अलावा यह इलाज काफी महंगा भी होता है और हर किसी के लिए आसानी से उपलब्ध नहीं है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।