आज का रहस्य: आखिर डेथ वैली के पत्थर अपने आप क्यों खिसकते हैं? गुत्थियों को सुलझाने में वैज्ञानिक भी हैं परेशान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गौरतलब बात ये है कि इन पत्थरों को आज तक किसी ने चलते हुए नहीं देखा है। ये पत्थर खिसकने के बाद एक लंबी रेखा अपने पीछे छोड़ते हैं। उन्हीं रेखाओं के निशानों के बाद ही इन पत्थरों के खिसकने के बारे में पता चलता है।
इन पत्थरों को खिसकने की वजह को लेकर वैज्ञानिकों की अलग अलग थ्योरीज हैं। साल 1972 में इस रहस्य से पर्दा उठाने के लिए वैज्ञानिकों का एक दल इस जगह पर आया। उन्होंने इन पत्थरों के ऊपर करीब 7 सालों तक अध्ययन किया। वैज्ञानिकों ने उस दौरान 317 किलोग्राम के एक पत्थर का विशेष रूप से अध्ययन किया। उनके इस रिसर्च के दौरान वह पत्थर जरा भी नहीं हिला।
वहीं कुछ सालों के बाद जैसे ही वैज्ञानिक दोबारा उस पत्थर का पता लगाने के लिए वापस वहां पर पहुंचे, तो वो करीब 1 किलोमीटर दूर मिला। इसे देखने के बाद कई वैज्ञानिक हैरान थे। कई दूसरे वैज्ञानिकों के मुताबिक ये पत्थर तेज हवाओं के कारण खिसकते हैं। हालांकि इन पत्थरों के खिसकने की वजह को लेकर रिसर्चर्स एकमत नहीं हैं।
कुछ लोगों का कहना है कि इन पत्थरों को पारलौकिक शक्तियां खिसकाती हैं। वहीं स्पेन की कम्प्लूटेंस यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स का कहना है कि ऐसा यहां की मिट्टी में मौजूद माइक्रोब्स के कारण होता है। ये माइक्रोब्स मिट्टी को चिकना बना देते हैं। इस कारण पत्थर मिट्टी पर खिसकते हैं। गौरतलब बात है कि इन पत्थरों के रहस्यमय ढंग से खिसकने को लेकर कोई ठोस निष्कर्ष अब तक नहीं निकला है। आखिर ये पत्थर अपनी जगह से क्यों खिसकते हैं? ये आज भी एक रहस्य का विषय बना हुआ है।