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Doomsday Clock: क्या खत्म होने वाली है दुनिया? वैज्ञानिकों ने सेट कर दिया प्रलय का समय

Wed, 29 Jan 2025 06:25 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Published by: धर्मेंद्र सिंह Updated Wed, 29 Jan 2025 06:25 PM IST
सार

Doomsday Clock: वैज्ञानिकों ने प्रलय की घड़ी (डूम्सडे क्लॉक) में समय सेट किया है। उन्होने इस घड़ी को फिर से सेट किया है और आधी रात से 89 सेकंड पहले कर दिया है। कहा जाता है कि इस घड़ी में 12 बजते ही यह तय हो जाएगा की धरती इंसानों के रहने लायक नहीं है और दुनिया का महाविनाश हो जाएगा। 

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Doomsday Clock 2025 Scientists Set A New Time Closer Than Ever To Midnight Mahapralaya Prediction
महाविनाश के करीब पहुंच चुकी है दुनिया, वैज्ञानिकों ने सेट कर दिया प्रलय का समय - फोटो : Adobe Stock
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Doomsday Clock: क्या दुनिया महाविनाश के कगार पहुंच चुकी है? वैज्ञानिकों से लेकर भविष्यवक्ताओं तक अक्सर दुनिया के महाविनाश की बात करते हैं। वैज्ञानिक और भविष्यवक्ता दोनों बताते हैं कि दुनिया कब खत्म होगी। अब वैज्ञानिकों ने प्रलय की घड़ी (डूम्सडे क्लॉक) में समय सेट किया है। उन्होने इस घड़ी को फिर से सेट किया है और आधी रात से 89 सेकेंड पहले कर दिया है। कहा जाता है कि इस घड़ी में 12 बजते ही यह तय हो जाएगा की धरती इंसानों के रहने लायक नहीं है और दुनिया का महाविनाश हो जाएगा। 

हर वर्ष यह घड़ी तय करती है कि मानव जाति के पास प्राकृतिक, राजनीतिक, परमाणु युद्ध को रोकने के लिए कितना समय बचा है। बीते 75 सालों से घड़ी की सूइयां इसके हिसाब चलती हैं कि दुनिया ने जलवायु परिवर्तन, परमाणु जंग और धरती पर मानव सभ्यता को विनाश करने वाले खतरों से निपटने के लिए क्या कदम उठाए हैं? साल 2024 में वैज्ञानिकों ने आधी रात से 90 सेकेंड पर इस घड़ी को सेट किया था। इस बार वैज्ञानिकों ने इसे एक सेकंड पहले सेट किया है।
 

Doomsday Clock 2025 Scientists Set A New Time Closer Than Ever To Midnight Mahapralaya Prediction
महाविनाश के करीब पहुंच चुकी है दुनिया, वैज्ञानिकों ने सेट कर दिया प्रलय का समय - फोटो : Adobe Stock

कब घड़ी बनाई गई थी? 

वैज्ञानिकों ने हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु हमले के बाद महाविनाश की घड़ी (डूम्सडे क्लॉक) बनाई थी। मैनहट्टन परियोजना के तहत शिकागो यूनिवर्सिटी में इसे बनाया गया था। परमाणु वैज्ञानिकों के बुलेटिन की तरफ से हर साल इस घड़ी का समय बदला जाता है। इसलिए घड़ी बनाई गई थी ताकि लोगों को चेतावनी दी जा सके कि मानव जाति दुनिया को नष्ट करने के कितनी करीब है। 

 

Doomsday Clock 2025 Scientists Set A New Time Closer Than Ever To Midnight Mahapralaya Prediction
महाविनाश के करीब पहुंच चुकी है दुनिया, वैज्ञानिकों ने सेट कर दिया प्रलय का समय - फोटो : Adobe Stock

बुलेटिन के वैज्ञानिक और सुरक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डैनियल होल्ज ने बताया कि हमने घड़ी को आधी रात के करीब सेट कर दिया है, क्योंकि हम परमाणु जोखिम, जलवायु परिवर्तन, जैविक खतरों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) जैसी विघटनकारी प्रौद्योगिकियों में प्रगति सहित वैश्विक चुनौतियों पर पर्याप्त, सकारात्मक प्रगति नहीं देखते हैं।

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महाविनाश के करीब पहुंच चुकी है दुनिया, वैज्ञानिकों ने सेट कर दिया प्रलय का समय - फोटो : Adobe Stock

उन्होंने कहा कि जिन देशों के पास परमाणु हथियार हैं, वे अपने शस्त्रागार के आकार और भूमिका को बढ़ाते जा रहे हैं। इस तरह के हथियारों में सैकड़ों अरबों डॉलर का निवेश कर रहे हैं जो सभ्यता को कई बार नष्ट कर सकते हैं।

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महाविनाश के करीब पहुंच चुकी है दुनिया, वैज्ञानिकों ने सेट कर दिया प्रलय का समय - फोटो : Adobe Stock

मैनहट्टन परियोजना को द्वितीय विश्व युद्ध के समय परमाणु बम के विकास के लिए बनाया गया था। परमाणु खतरों को मापने के लिए इस संगठन की स्थापना की गई थी, लेकिन 2007 में गणना में जलवाय परिवर्तन को शामिल करने का निर्णय लिया गया। अल्बर्ट आइंस्टीन ने पहली दिसंबर 1948 में बोर्ड की स्थापना की थी। जे रॉबर्ट ओपेनहाइमर इसके पहले अध्यक्ष थे। बोर्ड में वर्तमान में 9 नोबेल पुरस्कार विजेता शामिल हैं। 

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