फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

ज्ञान की बात: आखिर दूर आकाश में ये टिमटिमाते तारे बनते कैसे हैं?

Sun, 23 May 2021 10:49 PM IST
संकल्प सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संकल्प सिंह Updated Sun, 23 May 2021 10:49 PM IST
विज्ञापन
How Does Stars are born
stars - फोटो : pexel
रात को खुले आसमान में कई सारे टिमटिमाते तारे हमें दिखते हैं। तारों को यूं आकाश में जगमगाते हुए देखना वाकई एक अलग अनुभव होता है। गहन रात्रि में तारों को एकांत बैठ कर देखने पर ब्रह्मांड और अस्तित्व के साथ हमारे अंतरजोड़ का एहसास होता है। इन तारों को देखते हुए कई बार हमारे भीतर ये सवाल तो जरूर उठता होगा कि आखिर ये बनते कैसे हैं? इन विशालकाय तारों का निर्माण कैसे होता है? वह कौन-कौन सी चीजें होती हैं, जो तारों को बनाने का काम करती हैं। ऐसे में आज हम जानेंगे कि आखिर दूर आकाश में ये टिमटिमाते तारे बनते कैसे हैं?
How Does Stars are born
द पिलर ऑफ क्रिएशन - फोटो : Social media
तारों का निर्माण अंतरिक्ष में पाई जाने वाली विशाल निहारिकाओं से होता हैं। इन निहारिकाओं को अक्सर नेबुला भी कहा जाता है। इनके भीतर विशाल मात्रा में गैस, धूल कण, हाइड्रोजन और हिलियम गैस पाए जाते हैं। इन्हीं नेबुला के भीतर से तारों का जन्म होता है। तारों के बनने की प्रक्रिया यहीं से शुरू होती है। सर्वप्रथम नेबुला के भीतर पाए जाने वाले कण गुरुत्वाकर्षणीय खिंचाव से नजदीक आते हैं और एक गैसीय गोले का निर्माण करते हैं। 
How Does Stars are born
हेलिक्स नेबुला - फोटो : Social media
गुरुत्वाकर्षण का खिंचाव इतना अधिक होता है कि इससे गैसीय गोले का तापमान बढ़ने लगता है और वह तेजी से घूमने लगता है। तारों के बनने का यह प्रथम चरण होता है। इस चरण तक तारे का जहां तक विकास होता है, उसे प्रोटोस्टार कहा जाता है। गुरुत्वाकर्षणीय खिंचाव के चलते प्रोटोस्टार और भी ज्यादा धूल और गैस को अपनी तरफ आकर्षित करता है। यह प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है, जब तक तारे का कोर उप्युक्त मात्रा में द्रव्यमान को इकठ्ठा नहीं कर लेता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
How Does Stars are born
प्रोक्सिमा सेंचूरी तारा - फोटो : Social media
द्रव्यमान अधिक होने से प्रोटोस्टार के भीतर इतनी ज्यादा सघनता आ जाती है कि उसका कोर बड़ी मात्रा में दबाव और तापमान को पैदा करता है। इसके बाद प्रोटोस्टार अपने भीतर से हाइड्रोजन को फ्यूज करता है, जिसके चलते उसके अंदर नाभिकीय संलयन की प्रक्रिया होने लगती है। नाभिकीय संलयन होने के बाद हाइड्रोजन के दो अणु मिलकर हिलियम का एक अणु बनाने लगते हैं।
विज्ञापन
How Does Stars are born
कैट आई नेबुला - फोटो : Social media
इस कारण प्रोटोस्टार के भीतर से भारी मात्रा में ऊर्जा और प्रकाश बाहर निकलता है। इससे तारा ब्रह्मांड में चमकने लगता है और अंतरिक्ष में एक नए पूर्ण विकसित तारे का जन्म होता है। इसके अलावा अब तारे के चारों ओर एक प्लाज्मा की परत भी आ जाती है। आज हम जितने भी तारों को अंतरिक्ष में देखते हैं, उन सभी का निर्माण इसी प्रक्रिया से हुआ है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अंतरिक्ष में स्थापित कुछ ऐसे नेबुला हैं, जिनसे कई सारे तारों का निर्माण होता है। इनमें द पिलर ऑफ क्रिएशन नेबुला, कैट आई नेबुला, हेलिक्स नेबुला आदी शामिल हैं।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed